डायल-112 बनी अभ्यर्थी की उम्मीद, हादसे के बाद भी समय पर दिलाई पुलिस भर्ती परीक्षा
स्टेट ब्यूरो चीफ़ विष्णु रावत
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान आजमगढ़ पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक घायल अभ्यर्थी की मदद कर उसका एक वर्ष बर्बाद होने से बचा लिया। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बावजूद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदौली निवासी रंजीत कुमार अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल से पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए डीएवी कॉलेज, रैदोपुर जा रहे थे। रास्ते में तरवा थाना क्षेत्र के रासेपुर गांव के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे दोनों घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की पीआरवी-8462 तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को नजदीकी निजी चिकित्सालय में भर्ती कराकर प्राथमिक उपचार दिलाया। उपचार के दौरान पुलिस कर्मियों ने अभ्यर्थी की परीक्षा की महत्ता को समझते हुए आगे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।
जब यह स्पष्ट हुआ कि उपचार के कारण रंजीत कुमार निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाएंगे, तब डायल-112 की पीआरवी-5393 और पीआरवी-5385 ने आपसी समन्वय स्थापित कर उन्हें सुरक्षित रूप से डीएवी कॉलेज, रैदोपुर स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। पुलिस की तत्परता के चलते अभ्यर्थी समय पर परीक्षा में शामिल हो सका। रंजीत कुमार और उनके परिजनों ने आजमगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की मदद से उनका एक वर्ष खराब होने से बच गया। वहीं, पुलिस की इस सराहनीय पहल की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है।
आजमगढ़ पुलिस की यह त्वरित एवं मानवीय कार्रवाई आमजन के प्रति उसकी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।












