महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हो सर्वोच्च प्राथमिकता : राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष,बाल विवाह पर रखें कड़ी निगरानी, दोषियों के विरुद्ध हो सख्त कार्रवाई : श्रीमती विजया रहाटकर

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हो सर्वोच्च प्राथमिकता : राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष,बाल विवाह पर रखें कड़ी निगरानी, दोषियों के विरुद्ध हो सख्त कार्रवाई : श्रीमती विजया रहाटकर

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

दिनांक: 09 जून, 2026 महिलाओं को अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने हेतु चलाए जाएं व्यापक जागरूकता अभियान: मा0 अध्यक्ष गाजियाबाद। राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली की माननीय अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने जनपद भ्रमण के दौरान विकास भवन सभागार में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की। उनके आगमन पर पुलिस कमीश्नर महोदय श्रीमान जे० रविन्द्र गौड़ एवं जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा उनका स्वागत किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।समीक्षा बैठक के दौरान माननीय अध्यक्ष ने सभी विभागों से महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण से संबंधित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस व जिला स्वास्थ्य समिति सहित संबंधित विभागों को इस दिशा में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।माननीय अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक महिला को अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी हो। साथ ही उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सुरक्षा उपायों तथा आर्थिक सशक्तिकरण कार्यक्रमों के बारे में भी पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-जागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया जाए, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। श्रीमती रहाटकर ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक उत्थान एवं आत्मनिर्भरता के लिए उन्हें विभिन्न प्रकार के हस्तकौशल एवं स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जाएं। साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आवश्यकतानुसार ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज एवं परिवार की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा सकें।उन्होंने महिलाओं के उत्पीड़न एवं हिंसा से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर बल देते हुए । कहा कि पुलिस विभाग, जिला प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) आपसी समन्वय स्थापित कर पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करें।माननीय अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिलाओं के प्रति शिष्ट, संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमामय जीवन उपलब्ध कराने के लिए समाज में सकारात्मक सोच, स्वच्छ वातावरण एवं सभ्य सामाजिक व्यवस्था का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, कल्याण एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस अवसर पर जनपद के सभी संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में मा0अध्यक्ष महोदय श्रीमती विजया रहाटकर द्वारा मीडिया बन्धुओं से भी वार्ता की गई।

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