गुमशुदा, लावारिस एवं परित्यक्त बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास में जुटा जिला बाल संरक्षण विभाग

गुमशुदा, लावारिस एवं परित्यक्त बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास में जुटा जिला बाल संरक्षण विभाग

जिला क्राइम रिपोर्टर: सागर गोयल
पानीपत, हरियाणा।

पानीपत, 10 जून। जिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति, पानीपत द्वारा 0 से 18 वर्ष तक के गुमशुदा, परित्यक्त एवं लावारिस बच्चों के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे बच्चे जो “चिल्ड्रेन इन नीड ऑफ केयर एंड प्रोटेक्शन” तथा “चिल्ड्रेन इन कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ” की श्रेणी में आते हैं, उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के कार्यालय में गुमशुदा, छोड़े गए अथवा लावारिस बच्चों को लाया जाता है। इसके बाद बच्चों की आवश्यक देखभाल एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थानों में भेजा जाता है।
निधि गुप्ता ने बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता अथवा अभिभावकों का पता चल जाता है, उन्हें आवश्यक जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया जाता है। वहीं जिन बच्चों के माता-पिता या संरक्षक नहीं मिल पाते, उन्हें विधिवत दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक बच्चों को बाल देखरेख केंद्रों अथवा स्पेशल एडॉप्शन एजेंसियों में सुरक्षित रखा जाता है, जहां उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।
जिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई गुमशुदा, असहाय या लावारिस बच्चा दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि बच्चे की सुरक्षा एवं पुनर्वास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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