नगला गड़रियाँ की मुख्य सड़क बनी जलभराव का केंद्र, स्कूली बच्चों और महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
जिला संवादाता काव्यांश रावत एटा जिले की जलेसर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत शाहनगर टिमारुआ के उपग्राम नगला गड़रियाँ में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। गांव की मुख्य सड़क भारी जलभराव के चलते तालाब जैसी दिखाई दे रही है। इस गंदे पानी से भरी सड़क से गुजरना स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत यहां देखने को नहीं मिल रही है। सफाईकर्मियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण गांव की गलियों में गंदगी का अंबार लगा है। महिलाओं ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ चुनावों के समय नजर आते हैं, जबकि गांव की समस्याओं से उनका कोई वास्ता नहीं होता।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन दस दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण विकास कुमार, भूरी देवी, रिंकू, राजन श्री, मीरा देवी और आशा कार्यकर्ती मिथिलेश ने बताया कि हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं और प्रशासन केवल आश्वासन देकर चुप बैठा है।
खंड विकास अधिकारी पीएस आनंद ने बताया कि समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा, लेकिन बरसात के चलते इसमें 10-15 दिन का समय लग सकता है। फिलहाल पानी की निकासी का कार्य शुरू किया जा रहा है।
एसडीएम भावना विमल ने जानकारी दी कि इस समस्या को पहले भी गंभीरता से लिया गया था और एक टीम का गठन कर नायब तहसीलदार को भेजा गया था। लेकिन अपेक्षित सुधार न होने के कारण अब दोबारा नायब तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी की टीम को भेजकर स्थायी समाधान कराया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन के ये आश्वासन जमीनी स्तर पर कब तक अमल में आते हैं और ग्रामीणों को इस नारकीय स्थिति से कब मुक्ति मिलती है।
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