हंसेपुर जरानी कला में सत्संग का आयोजन, संतों ने दिया आध्यात्मिक जागरण का संदेश
डिप्टी स्टेट ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र चौहान


हंसेपुर जरानी कला, 24 जून 2026।
ग्राम हंसेपुर जरानी कला में अमृत सिंह के आवास पर सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संत महात्माओं के प्रवचनों का श्रवण किया। सत्संग के दौरान ईशानेश महात्मा गोपालानंद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। जीव अनगिनत योनियों में भटकने के बाद मनुष्य शरीर प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सद्गुरु की शरण में आकर नाम-सुमिरन और सत्संग का मार्ग अपनाता है, वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर परम शांति और आनंद प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर महान पुरुष और संत इस संसार में आकर लोगों को आध्यात्मिक चेतना का संदेश देते हैं और उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। संतों की वाणी मनुष्य को अज्ञान की नींद से जगाने का कार्य करती है।कार्यक्रम के प्रभारी संत मुसाफिर नंद जी ने अपने प्रवचन में कहा कि संत समाज सदैव लोगों को प्रभु भक्ति और राम नाम का संदेश देता आया है। उन्होंने भजन की पंक्तियां सुनाते हुए कहा, “राम नाम के हीरे-मोती संत बिखेरें गली-गली, ले लो रे कोई राम का प्यारा, आवाज लगाएं गली-गली।” उन्होंने बताया कि हंसेपुर क्षेत्र में पूर्व समय में हंस जी महाराज भी सत्संग के माध्यम से लोगों को जागृत करते थे और गांव-गांव जाकर मानवता तथा भक्ति का संदेश देते थे। संत मुसाफिर नंद जी ने कहा कि जिसका संबंध सतगुरु से जुड़ जाता है, उसका जीवन आनंद और शांति से भर जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सत्संग, सेवा और सुमिरन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रामप्रसाद, निरखन, यशपाल, कमला देवी, सुधू, पचौरी जी, सूरजपाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भजन-कीर्तन और सत्संग के साथ हुआ।












