गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विशेष अभियान तेज,गौर ग्रीन एवेन्यू, इंदिरापुरम में घटित अग्निकांड की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए,अग्नि सुरक्षा कमियां पाई गई हैं। 206 ऐसे प्रकरण चिन्हित में इनमें से 56 प्रकरणों में सीलिंग की जा चुकी है,अग्निशमन विभाग की क्षमता संवर्धन हेतु लगभग ₹100 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विशेष अभियान तेज,गौर ग्रीन एवेन्यू, इंदिरापुरम में घटित अग्निकांड की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए,अग्नि सुरक्षा कमियां पाई गई हैं। 206 ऐसे प्रकरण चिन्हित में इनमें से 56 प्रकरणों में सीलिंग की जा चुकी है,अग्निशमन विभाग की क्षमता संवर्धन हेतु लगभग ₹100 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

दिनांक : 23 जून, 2026जन सुरक्षा सर्वोपरि : अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन हेतु गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विशेष अभियान तेज,गौर ग्रीन एवेन्यू, इंदिरापुरम में घटित अग्निकांड की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित समूह आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय परीक्षण के माध्यम से अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) तथा अन्य सुरक्षा प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान जिन भवनों एवं प्रतिष्ठानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया अथवा आवश्यक अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही प्रारम्भ की गई है। अब तक किए गए निरीक्षणों के दौरान लगभग 206 ऐसे प्रकरण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अग्नि सुरक्षा मानकों के संबंध में कमियां पाई गई हैं। इनमें से 56 प्रकरणों में सीलिंग एवं अन्य प्रवर्तनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित/प्रारम्भ की जा चुकी है, जबकि शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है साथ ही प्राधिकरण द्वारा अग्रिम प्रक्रिया सतत रूप से प्रस्तावित है।इसके अतिरिक्त जनपद में स्थित ऐसे सभी समूह आवासीय परिसरों,जिनमें आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Association) का गठन हो चुका है, उनके पदाधिकारियों को पत्र निर्गत करते हुए निर्देशित किया गया है कि परिसर में स्थापित अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अन्य अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राधिकरण एवं संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं चेतावनियां भी जारी की जा रही हैं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए । अग्निशमन विभाग की क्षमता संवर्धन हेतु लगभग ₹100 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उक्त धनराशि से आधुनिक अग्निशमन उपकरणों, विशेषीकृत फायर फाइटिंग संयंत्रों एवं आवश्यक संसाधनों की खरीद अग्निशमन विभाग द्वारा की जा रही है, जिससे बहुमंजिला भवनों एवं समूह आवासीय परिसरों सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अग्निकांड की घटनाओं पर अधिक त्वरित एवं प्रभावी ढंग से नियंत्रण स्थापित किया जा सके।प्राधिकरण द्वारा गठित विशेष टीमें प्रभारी प्रवर्तन अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न जोनों में निरंतर निरीक्षण एवं सत्यापन का कार्य कर रही हैं। यह अभियान आगामी दिनों में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा तथा अग्नि सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने वाले संस्थानों एवं भवन स्वामियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की जनसामान्य से अपील:-अब तक लगभग 62 प्रकरणों मे सीलिंग की कार्यवाही की जा चुकी है|  फायर ड्राइव-वे, खुले क्षेत्रों एवं आपातकालीन निकास मार्गों को पूर्णतः अवरोधमुक्त रखा जाए। अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म एवं हाइड्रेंट सिस्टम का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। फायर एनओसी की वैधता का समय-समय पर नवीनीकरण कराया जाए। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किसी भी प्रकार के अतिक्रमण अथवा निर्माण से बचा जाए। प्रत्येक परिसर में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ एवं प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाए। समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर निवासियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाए। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जनपदवासियों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आपदा-प्रतिरोधी शहरी वातावरण के निर्माण हेतु सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से निरंतर कार्य कर रहा है।”अग्नि सुरक्षा केवल एक मानक नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का आधार है।”

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