गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत एसीपी श्री सिद्धार्थ गौतम एवं संयुक्त पुलिस टीम ट्रोनिका सिटी द्वारा 12 घंटे में ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री सुलझी, 2 महिला आरोपी गिरफ्तार,लिव-इन रिलेशनशिप में बनी पत्नी ने बेटी के ऊपर गन्दी नजर के शक में ली लिव-इन पति की जान
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर महोदय जे० रविन्द्र गौड़ के पर्यवेक्षण में डीसीपी ग्रामीण श्री सुरेन्द्र नाथ तिवारी, के नेतृत्व में गाजियाबाद कमिश्नर रेट ट्रोनिका सिटी पुलिस ने 12 घंटे में हत्या का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार गाजियाबाद। थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस ने सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से हत्या की सनसनीखेज वारदात का मात्र 12 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त डंडा एवं गमछा बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। ट्रोनिका सिटी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।लोगों में पुलिस कार्रवाई जल्द होने से अपराधी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, अपराधी अपराध करने से 100 बार सोचेगा, पुलिस द्वारा जनता को अच्छी पुलिसिंग से,खुसी की लहर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट का मतलब तत्काल सेवा,अपराधी चन्द घण्टो में गिरफ्तार उपरोक्त हत्या की घटना का 12 घण्टे के अन्दर सफल अनावरण करते हुये घटना कारित करने वाली 02 अभियुक्ता 1. किरन पत्नी धर्मवीर निवासी छोटी सराय थाना कोतवाली जनपद बुलन्दशहर उम्र करीब 32 वर्ष 2. कशिश पत्नी कमल निवासी ग्राम रिढावली थाना गुलावठी जनपद बुलन्दशहर उम्र करीब 21 वर्ष को गिरफ्तार किया गया तथा इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल डंडा व गमछा बरामद हुआ। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्ताओं से पूछताछ की गयी तो अभियुक्ता किरन ने बताया कि मैं और कशिश दोनों सगी बहने हैं। मैं मृतक जाकिर को पिछले 04-05 वर्षों से जानती हूँ। मृतक जाकिर और मैं शाकिरपुर जनपद गौतमबुद्धनगर में किराये के मकान में रहते थे जिस कारण हम दोनों के बीच दोस्ती हो गयी। उसके बाद जाकिर अपने परिवार के साथ खुशहाल पार्क, ट्रोनिका सिटी में रहने लगा। मैं यहां भी जाकिर से मिलती रहती थी मैं 8-9 माह पहले अपने बच्चो के साथ गाजियाबाद आ गयी तथा पूजा कॉलोनी में किराये के मकान में जाकिर के साथ लिव-इन में पति-पत्नी की तरह रहने लगी। हमारे साथ मेरी 01 बेटी उम्र करीब 13 वर्ष तथा 02 बेटे भी रहते थे। लगभग दो महीने से मुझे शक हुआ कि जाकिर मेरी पुत्री पर भी गलत नजर रखने लगा है। मुझे यह अंदर ही अंदर चुभने लगा और मैंने सोच लिया था कि मैं अब जाकिर को अपने रास्ते से हटा दूंगी नहीं तो यह मेरी बेटी के साथ कभी भी गलत काम कर सकता है। इसी इरादे के साथ मैंने लगभग 20 दिन पहले अपनी बहन कशिश को अपने पास बुलाया और यह सब बातें मैंने उसे बतायी। मैंने व मेरी बहन कशिश ने प्लान बनाया कि जाकिर की हत्या करके हम यहां से भाग जायेंगे। दिनांक 23/06/2026 को सुबह मैंने व कशिश ने योजना कि हम आज इसकी हत्या कर देंगे व हत्या करके यहां से चले जायेंगे। योजना के तहत हमने जाकिर के फोन से बाहर जाने के लिये ओला गाडी बुक की। ओला गाडी घर के बाहर आ गई थी ओला के चालक की जाकिर के फोन पर वार्ता हुई उसी समय हमने सभी बच्चों को गाड़ी में बैठने के लिए बाहर भेज दिया। उस समय घर के अंदर मैं, मेरी बहन कशिश व जाकिर ही थे। उसी समय मैंने मौका पाकर घर के अंदर ही जाकिर के सिर पर डंडे से वार कर दिया जिससे जाकिर बेहोश हो गया। उसके बाद मैंने तथा मेरी बहिन कशिश ने उसकी गर्दन में गमछे से फंदा लगाकर पकडकर खींच दिया और उसकी मौके पर मृत्यु हो गई। इसके बाद जिस डण्डे से मैंने जाकिर से सिर पर वार किया था उस डण्डे को मैंने व कशिश ने छत पर पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया था। व गमछे को हम दोनों ने पंखे पर बांध दिया था और पंखे की तीनों पंखुडियों को मोड दिया था जिससे किसी को शक न हो कि हमने हत्या की है। फिर हम दोनों लोगों को यह पता लगा कि हम लोग फस जायेंगे तो मैंने शोर मचा।दिया। नीचे रहने वाले किरायेदार व अन्य लोग भी हमारे पास आ गये। और मैंने जाकिर के फोन से उसके भाई समीर खान उर्फ नासिर को फोन कर दिया कि तुम्हारे भाई ने आत्महत्या कर ली है। उसके बाद मैं अपने बचाव के लिये टैम्पो करके उसे जगमोहन हॉस्पीटल ले गई वहां पर उसके परिवार वाले आ गये उनसे भी मैंने यही बताया था कि इसने आत्महत्या कर ली है।












