श्रवण कुमार की परंपरा जीवित! तीसरे सोमवार पर दिखा भक्ति, सेवा और संस्कार से भरा भावुक दृश्य
जिला संवादाता काव्यांश रावत
जनपद एटा उत्तर प्रदेश।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार को एटा जिले में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को भक्ति और सेवा की गहराई का एहसास कराया। दुल्हापुर निवासी एक परिवार ने अपने बुजुर्ग दादा-दादी को डोली में बैठाकर सोरोंस से अट्टालिका (एटा) तक पैदल यात्रा कर श्रवण कुमार की परंपरा को जीवंत कर दिखाया।
पांच बेटों, बहुओं, नातियों और छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार ने मिलकर पहले सोरों में गंगा स्नान कराया और फिर सेवा के इस पवित्र भाव के साथ डोली यात्रा शुरू की। रास्ते भर भक्ति, श्रद्धा और बुजुर्गों के प्रति आदर का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
परिवार के सदस्य फैजाबाद ने कहा, “पुण्य का ये अवसर हमारा नहीं, हमारे दादा-दादी को समर्पित है।” यह सेवा और भक्ति से भरी यात्रा न केवल बुजुर्गों के प्रति सम्मान का उदाहरण बनी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कारों का अमूल्य संदेश भी छोड़ गई।
यह दृश्य न सिर्फ आस्था का प्रतीक बना, बल्कि लोगों को यह भी दिखा गया कि कलयुग में भी श्रवण कुमार जैसे संस्कार और सेवा भाव जीवित हैं।
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