105वें दिन भी जारी किसानों का धरना, एटा–कासगंज रेल लाइन के लिए बढ़े मुआवजे की मांग
संवाददाता : योगेंद्र सिंह
एटा। कासगंज रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का धरना सोमवार को 105वें दिन भी जारी रहा। मिरहची क्षेत्र के श्योराई गांव में किसान लगातार बढ़े हुए मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय से धरना देने के बावजूद अब तक कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने या समाधान निकालने के लिए धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है। धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें वर्तमान में करीब 28 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिए जाने की बात कही जा रही है, जबकि क्षेत्र में भूमि के बाजार मूल्य को देखते हुए यह राशि बेहद कम है। किसानों की मांग है कि उन्हें लगभग 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी भूमि का उचित मूल्य मिल सके। बताया गया कि प्रस्तावित एटा–कासगंज रेल लाइन परियोजना के लिए एटा और कासगंज जनपदों में कुल लगभग 110 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इससे बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि कई परिवार ऐसे हैं जिनकी पूरी कृषि भूमि इस परियोजना में अधिग्रहित हो जाएगी, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने मांग की है कि जिन परिवारों की संपूर्ण कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है, उनके कम से कम एक शिक्षित सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित रह सके। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन और सरकार से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।












