गाजियाबाद: महिला पत्रकार सहित परिवार पर हमले का आरोप, एवं छोटी बहन से दहेज को लेकर उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई की मांग जिसके कारण यह घटना कारित हुए हैं।
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर रेट महिला सुरक्षा और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दिनांक 4 अगस्त 2026 को लगभग दोपहर 2:00 से 2:20 बजे के बीच विजयनगर थाना, गाजियाबाद के बाहर महिला पत्रकार सायरा सूर्यवंशी और उनके साथ मौजूद पवन सूर्यवंशी (ब्यूरो चीफ, एनसीआर-यूपी, “खबरों का दंगल”) तथा उनके परिवार के सदस्यों पर हमला किया गया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, सायरा सूर्यवंशी और पवन सूर्यवंशी समाचार कवरेज के लिए विजयनगर थाने पहुंचे थे। आरोप है कि थाने के बाहर पहले से मौजूद दानिश, उसकी मां रानी तथा उनके कुछ साथियों ने सायरा सूर्यवंशी, उनकी छोटी बहन और उनकी मां के साथ मारपीट की। जिसका CCtV, आस पास के जूस वाले एवं गेट के पास मिल जाएगा पुलिस को मिल जाएगा,पीड़ित पक्ष का कहना है कि छोटी बहन का कुछ महीने पहले बड़ा ऑपरेशन हुआ था और उस पर भी हमला किया गया।आरोप है कि घटना की जानकारी पुलिस को तत्काल दी गई, लेकिन आरोपि को छोड़ दिया गया। इसके बाद जब पीड़ित परिवार ई-रिक्शा से अस्पताल जा रहा था, तब रास्ते में पवन सूर्यवंशी पर भी हमला किया गया। इस संबंध में थाना प्रभारी धर्मपाल सिंह को लिखित शिकायत दि गई है । पुलिस कार्यपणाली पर भी उठे सवाल,,? 24 घंटों तक कोई कार्रवाई नहीं कि गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि थाने के बाहर ही महिला पत्रकार और महिलाओं के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान एक गर्भवती महिला को भी निशाना बनाया गया, जिससे उसके और गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा पैदा हुआ।दहेज उत्पीड़न के भी गंभीर आरोप,पीड़ित पक्ष के अनुसार, यह विवाद उनकी छोटी बहन बेबो के वैवाहिक जीवन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उसकी शादी वर्ष 2024 में मवई निवासी दानिश से पूरे रीति-रिवाज के साथ कराई गई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग शुरू कर दी गई।परिवार का आरोप है कि दानिश, उसकी मां रानी और अन्य परिजनों ने कई बार बेबो के साथ मारपीट की तथा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।आरोप है कि उससे कहा जाता था कि यदि दहेज नहीं मिला तो उसे घर में नहीं रखा जाएगा। पीड़ित पक्ष का यह भी दावा है कि फॉर्च्यूनर कार और लगभग 5 लाख रुपये मूल्य के दहेज की मांग की जा रही थी। गालि गलोच की रिकॉर्ड किया गया है।जो सांकसय मोजुद है।परिवार के अनुसार, अब तक कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास किए गए और दो बार पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन उत्पीड़न नहीं रुका।लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर बेबो ने अलग रहने का निर्णय लिया।जान से मारने कि धमकी दी गई है। दानिश एवं उसकी मां रानी ने अपने जानकारों द्वारा , दोनों पत्रकार रात दिन आना जाना रहता है।पुरे NCR में अगर कोई हादसा या परिवार के किसी सदस्य को, दुर्घटना एवं मारपीट होती है तो, दानिश एवं उसकी मां रानी जिम्मेदार होंगे, पत्रकार संवाददाता सायरा सूर्यवंशी,एवं पीड़ित परिवार ने आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच, कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा महिला पत्रकारों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर एवं डीसीपी श्री धवल जायसवाल एसीपी नगर कोतवाली श्रीमती उपासना पांडेय से गुहार, लगाते हुए कहा कि, हम लोग जनता को अवगत कराना अपके द्वारा संचालित मिशन और पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है।अब उसी महिला के सम्मान में क्या कार्य वाही होती है।ऐसे सर्मसार करने वाले को रोकना होगा।एक महिला, होकर सहारा देने से तो दुर प्रेगनेंट महिला की जान पर बन रही है जब उसका बेटा मारपीट कर रहा था। लेकिन दानिश की मां ये बोलती है।जो उखाड़ना है उखाड़ ले।












