पीड़ितों को समयबद्ध आर्थिक सहायता और सभी लाभ उपलब्ध कराए जाएं : नगराधीश टीनू पोसवाल
जिला क्राइम रिपोर्टर : सागर गोयल, पानीपत (हरियाणा)
पानीपत: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में नगराधीश टीनू पोसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लेकर मामलों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक के दौरान 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक जिले में दर्ज अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के छह मामलों की एक-एक कर समीक्षा की गई। नगराधीश टीनू पोसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पीड़ित को सरकार द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता तथा अन्य सभी लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
नगराधीश ने बैठक के दौरान पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल मामलों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को वास्तविक राहत, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना भी है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि छह मामलों में से पांच मामलों में पीड़ितों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कर आवश्यक प्रकरण निदेशालय को भेज दिए गए हैं। शेष एक मामले में तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं तथा मामला पोर्टल पर उपलब्ध होते ही सहायता राशि जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों की जांच संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। वहीं, जिला कल्याण विभाग को राहत राशि, पुनर्वास और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ बिना अनावश्यक विलंब के उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी जयपान हुड्डा, निरीक्षक विनोद कौशिक, पूर्व सरपंच सत्यवान झंडा, प्राण रत्नाकर, सतप्रकाश वैध सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को शीघ्र राहत और न्यायिक प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करना रहा।
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