नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पॉक्सो एक्ट के दोषी को 10 साल की कठोर सजा।
संवादाता अमन अहमद।
एटा। जिले में नाबालिग से जुड़े पॉक्सो एक्ट के मामले में एटा की रेप पॉक्सो 01 कोर्ट ने आरोपी सत्यप्रकाश को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम बताई गई है।मामला थाना मारहरा क्षेत्र का है। 17 अप्रैल 2023 को पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि आरोपी उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने सिरसाबदन निवासी सत्यप्रकाश पुत्र नाथूराम को आरोपी बनाया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करते हुए 15 मई 2023 को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे में दोषी को सजा दिलाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लगातार प्रभावी पैरवी की गई। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने न्यायालय में मामले से संबंधित साक्ष्यों और तथ्यों को मजबूती से रखा। सुनवाई पूरी होने के बाद 2 सितंबर 2026 को रेप पॉक्सो 01 कोर्ट ने सत्यप्रकाश को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।











