37वें राष्ट्रीय रामायण मेला की सकुशलता के लिए पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने किया गंगापूजन
राष्ट्र को समर्पित 37 वां राष्ट्रीय रामायण मेला 20 नवंबर से 24 नवंबर तक चलेगा
संवाददाता रामसुरेशनिर्मल
श्रृंगवेरपुरधाम।तीर्थराज प्रयाग के प्रसिद्ध पौराणिक ऐतिहासिक पर्यटक तीर्थस्थली श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि राजा निषादराज की नगरी श्रृंगवेरपुर धाम में वर्ष 1990 से स्थापित कार्तिक शुक्ल पक्ष देवोत्थान एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता अखंडता एवं विश्व शांति को समर्पित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय रामायण मेला की सकुशलता हेतु सोमवार को रामायण ग्रंथ के प्रथम रचयिता महर्षि बाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर सायंकाल मे परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी श्री चिदानंद सरस्वती जी महाराज संस्थापक /अध्यक्ष परमार्थ निकेतन ऋषिकेश हरिद्वार के कर कमलों द्वारा पूज्य महंत कमलदास जी महराज पीठाधीश्वर हनुमानगढ़ी रामचौरा घाट श्रृंगवेरपुरधाम की गरिमामयी उपस्थिति मे श्रृंगवेरपुर धाम की पुण्य भूमि पर मां भगवती गंगा जी का विधि विधान से पूजन संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय रामायण मेला के महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि यह मेला आगामी 20 नवंबर से प्रारंभ होकर 24 नवंबर को संपन्न होगा इस मेले में श्रीराम कथा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम रामलीला रासलीला सामाजिक संगोष्ठियां विभिन्न विभागों द्वारा लगाई जाने वाली प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी।रामायण मेला कि सकुशलता हेतु किये गये गंगा पूजन मे क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल क्षेत्रीय विधायक गुरु प्रसाद मौर्य के साथ स्थानीय संत महात्माओं की गरिमामयी उपस्थित के साथ ही परमार्थ वेदा परमार्थ निकेतन प्रयागराज से डॉ पुष्पेंद्र रामायण मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष बालकृष्ण पांडेय एवं उपाध्यक्ष सियाराम सरोज संयुक्त मंत्री अमित द्विवेदी कोषाध्यक्ष सुनील कुमार केसरवानी श्रीराम कथा के संयोजक विनय कुमार अग्रवाल भाजपा नेता विनोद ओझा भाजपा नेता रमेश साहू जिलामंत्री अमरजीत कुशवाहा रामचंद्र फौजी कृष्ण चंद्र पांडे वरिष्ठ अधिवक्ता बलराम सिंह सहित भारी संख्या मे लोग उपस्थित होकर स्वामी जी के साथ गंगा पूजन एवं आरती किया एवं सभी महानुभावों ने एक सुर मे मां भगवती गंगाजी से प्रार्थना किया कि वह 20 नवंबर से 24 नवंबर तक राष्ट की एकता को समर्पित राष्ट्रीय रामायण मेला कार्यक्रम को सकुशल सफल करे।











