निलंबन के तीन दिन बाद 27 वर्षीय दरोगा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, घर में मिला शव
मंडल संवाददाता अमित चौहान अलीगढ़। जिले के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में बुधवार को 27 वर्षीय दरोगा सुंदरम तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव घर में मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने उन्हें निलंबित कर दिया था। परिजनों के मुताबिक, निलंबन की कार्रवाई के बाद से ही वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सुंदरम तिवारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रहने वाले थे। करीब तीन साल पहले उनका चयन पुलिस विभाग में हुआ था। वह अलीगढ़ में दरोगा के पद पर तैनात थे। बीते दिनों सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसके बाद पुलिस विभाग में मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने तीन दिन पहले उन्हें निलंबित कर दिया था।
परिजनों ने बताया कि निलंबन के बाद से सुंदरम काफी परेशान रहते थे। बुधवार सुबह उनके पिता किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो बेटे को घर में मृत अवस्था में देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे की मौत का दृश्य देखकर पिता की तबीयत भी बिगड़ गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल दरोगा की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही











