एटा में 20 करोड़ की MCH बिल्डिंग भ्रष्टाचार की भेंट — फांक रही धूल
संवाददाता योगेंद्र सिंह
केंद्र फंड से बनी 100 शैय्या अस्पताल इमारत बनी सफेद हाथी
2019-20 में होना था निर्माण पूरा, HSCC कंपनी ने बीच में ही रोका काम
एटा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से केंद्र सरकार की निधि से लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही 100 शैय्या वाली मातृ एवं शिशु (MCH) बिल्डिंग आज भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है। करीब पाँच वर्ष बीत जाने के बाद भी यह बिल्डिंग अधूरी पड़ी है और अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती जा रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019-20 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और इसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी HSCC नामक सरकारी कंपनी को दी गई थी, लेकिन काम आधे में ही रोक दिया गया। अब स्थिति यह है कि भवन में जगह-जगह दरारें आ चुकी हैं, दीवारों पर सीलन जम गई है और करोड़ों की लागत से बना ढांचा धूल फांक रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अगर समय पर निर्माण पूरा कर अस्पताल चालू कर दिया गया होता, तो जिले की माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकती थीं। लेकिन विभागीय उदासीनता और भ्रष्टाचार के चलते यह परियोजना ठप पड़ी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने के लिए पत्राचार किया जा रहा है, जबकि सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार भुगतान न होने की वजह से काम अधर में छोड़ गया।












