इटावा से बड़ी राजनीतिक खबर
संवाददाता रोहित कुमार
उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा में राजनीति के गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब पूर्व एमएलसी स्वर्गीय अशोक दुबे के पुत्र अंशुल दुबे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा दे दिया।
अंशुल दुबे ने अपने इस्तीफे की जानकारी पार्टी नेतृत्व को भेजते हुए दी। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने संगठन के अंदर अपनी उपेक्षा और नीतिगत असहमति को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। उनके इस कदम से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अंशुल दुबे लंबे समय से पार्टी में सक्रिय थे और अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे थे। ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा देना भाजपा के लिए एक झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में अंशुल दुबे किसी अन्य दल का रुख कर सकते हैं या स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक रणनीति तैयार कर सकते हैं। वहीं भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इटावा की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर अब अंशुल दुबे के अगले कदम पर टिकी हुई है।












