यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
स्टेट ब्यूरो चीफ विष्णु रावत 
अब नेगेटिव बैलेंस पर भी 30 दिन तक नहीं कटेगी बिजली, 5 स्टेप SMS अलर्ट सिस्टम लागू
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब जिन उपभोक्ताओं के घर में 1 किलोवाट का कनेक्शन है, उनका बैलेंस नेगेटिव होने पर भी 30 दिनों तक बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसी तरह 2 किलोवाट तक के छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। यदि उनका बैलेंस 200 रुपये तक माइनस हो जाता है, तब भी बिजली सप्लाई जारी रहेगी।
ऊर्जा मंत्री ने दिए निर्देश
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छोटे उपभोक्ताओं को राहत देना जरूरी है, क्योंकि कई बार आर्थिक कारणों से समय पर रिचार्ज नहीं हो पाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेगेटिव बैलेंस होने के बावजूद एक महीने का पूरा बिलिंग चक्र खत्म होने से पहले कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
5 स्टेप SMS अलर्ट सिस्टम लागू
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नया 5-स्टेप SMS अलर्ट सिस्टम शुरू किया है। अब कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ता को 5 बार मैसेज भेजकर चेतावनी दी जाएगी, ताकि वह समय रहते रिचार्ज कर सके।
गर्मी को देखते हुए सरकार सतर्क
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए सरकार बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में अब तक करीब 30 लाख नए बिजली खंभे लगाए गए
ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई
निगरानी और सप्लाई व्यवस्था को मजबूत किया गया सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा बिजली सप्लाई करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है।
आखिर क्यों देनी पड़ी यह राहत?
पावर कार्पोरेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 13 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच: 40.27 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस पर काटे गए
24.14 लाख उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराया
22.21 लाख के कनेक्शन 2 घंटे में बहाल हुए 1.93 लाख उपभोक्ताओं को 2 घंटे में बिजली नहीं मिल पाई यानी करीब 8% उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिससे असंतोष बढ़ा।
उपभोक्ता परिषद ने मांगा मुआवजा
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग से मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं को रिचार्ज के 2 घंटे के भीतर बिजली नहीं मिली, उन्हें मुआवजा दिया जाए। नियमों के अनुसार, 2 घंटे में सप्लाई बहाल न होने पर उपभोक्ता को प्रति दिन 50 रुपये मुआवजा मिलना चाहिए।
प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर में फर्क
प्रीपेड मीटर:
पहले रिचार्ज करना जरूरी
बैलेंस खत्म होते ही बिजली कटती है (अब राहत लागू)
रियल टाइम खपत की जानकारी मिलती है
कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं
पोस्टपेड मीटर:
महीने के अंत में बिल आता है
बाद में भुगतान किया जाता है
सिक्योरिटी के तौर पर लगभग 2000 रुपये जमा करने होते हैं
खपत की जानकारी ऐप में उपलब्ध रहती है
निष्कर्ष
सरकार का यह फैसला छोटे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा। खासकर गर्मी के मौसम में, जब बिजली की जरूरत सबसे ज्यादा होती है, ऐसे में नेगेटिव बैलेंस पर भी सप्लाई जारी रहना आम लोगों के लिए बड़ी सुविधा है।












