एटा: 10 माह से मानदेय न मिलने पर रोजगार सेवकों का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
जनपद एटा के विकास भवन पर शनिवार दोपहर बड़ी संख्या में रोजगार सेवक एकत्रित हुए और लंबित मानदेय भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने धरना स्थल पर एसडीएम को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द बकाया मानदेय दिलाने की मांग उठाई। रोजगार सेवकों का कहना है कि इससे पहले भी वे खंड विकास अधिकारियों, क्षेत्रीय विधायकों और जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम रोजगार संघ के बैनर तले पहुंचे जिलाध्यक्ष सनुज यादव ने बताया कि करीब 10 महीनों से रोजगार सेवकों को मानदेय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के चलते कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, त्यौहार जैसे होली और दीवाली भी फीकी गुजर गईं। कुछ रोजगार सेवक आर्थिक अभाव के चलते गंभीर बीमारियों का इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शासन द्वारा जो धनराशि भेजी गई, वह बेहद कम है। किसी विकास खंड को डेढ़ लाख तो किसी को एक लाख रुपये दिए गए, जो कि जरूरत के हिसाब से “ऊंट के मुंह में जीरा” साबित हो रहे हैं। रोजगार सेवकों ने अधिकारियों पर उपेक्षा और मजाक उड़ाने का भी आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर सकें।












