फतेहपुर। भीटौरा ब्लॉक का दौलतपुर से आलमपुर नरही तक लगभग तीन किलोमीटर का रास्ता… नाम सुनने में छोटा लगता है, लेकिन 14 गांवों की सांसें इसी एक सड़क पर अटकी हैं।
संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य
फतेहपुर। भीटौरा ब्लॉक का दौलतपुर से आलमपुर नरही तक लगभग तीन किलोमीटर का रास्ता… नाम सुनने में छोटा लगता है, लेकिन 14 गांवों की सांसें इसी एक सड़क पर अटकी हैं। दो दशक से ज्यादा वक्त हो गया, और यह मार्ग आज भी वही टूटी, उखड़ी, गड्डों से लबालब सड़क बनकर खड़ा है – जैसे विकास को मुंह चिढ़ाता कोई जिद्दी सवाल। ग्रामीणों की मानें तो सड़क पर पड़े गड्ढे अब गड्डों में सड़क तलाशने वाली हालत बन चुके हैं। बरसात में यहां पूरा रास्ता ऐसा लगता है जैसे अचानक कहीं झील का नया ब्रांच खुल गया हो। दुपहिया वाहन वाले रोज फिसल रहे हैं, लोग घायल हो रहे हैं, और प्रशासन? – “अब तक मौन” मोड में।
सबसे बड़ी मार उन पर बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बीमार बुजुर्ग।
स्कूल जाने वाले बच्चे रोज कीचड़ में फंसकर गिरते हैं, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना मानो जान जोखिम में डालने जैसा बन चुका है। ग्रामीण बताते हैं कि इस सड़क को पार करते समय हर बार ऐसा लगता है जैसे किसी ‘खतरनाक स्टंट शो’ में भाग ले रहे हों।












