जमलामऊ में कोटेदार द्वारा घर का गेहूँ चावल की बिक्री करने पर लगा कोटेदार का राशन बेचने का आरोप हुआ निराधार
संवाददाता बृजेंद्र शर्मा 
बिहार ब्लॉक के जमलामऊ ग्राम सभा में सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कोटे का राशन एक वाहन में ले जाते हुए देखा जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर कुंडा के सप्लाई इंस्पेक्टर शिव कुमार मिश्रा को जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। वायरल वीडियो में ग्राम सभा की कोटेदार श्रीमती अंजु पांडेय द्वारा शाम के समय कोटे का राशन एक वाहन के माध्यम से ले जाते हुए दिखाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सरकारी राशन गरीबों को वितरित करने के बजाय बाहर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। सप्लाई इंस्पेक्टर शिव कुमार मिश्रा जमलामऊ पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। इस दौरान वे ग्रामीणों के बयान भी दर्ज करेंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोटे के राशन की कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं कोटेदार सहयोगी उमेश चंद्र पांडेय जो कोटेदार पति भी है बताया कि सप्लाई इंस्पेक्टर द्वारा स्टॉक सत्यापन के बाद स्टॉक पूर्ण पाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 50 ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं। उमेश चंद्र पांडेय का आरोप है कि उनके भाई गोपेश चंद्र पांडेय ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए विरोधी लोगों द्वारा यह सब किया जा रहा है। सप्लाई इंस्पेक्टर शिवकुमार मिश्रा ने बताया कि स्टॉक लगभग बराबर पाया गया है, हालांकि 12 किलो चीनी कम मिली है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 25 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। मिश्रा के अनुसार, 10 बोरी गेहूं और 15 बोरी चावल एक व्यवसायी को दिए गए हैं, जिसके संबंध में व्यवसायी का नंबर मिला है। स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने के बाद उपजिलाधिकारी कुंडा को एक कवरिंग रिपोर्ट भेजी जाएगी।












