इन्दिरापुरम अग्निकांड के दृष्टिगत जिलाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय बैठक आयोजित, जनसुरक्षा मानकों के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर 






दिनांक: 30 अप्रैल 2026किसी भी स्थिति में जनसुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ जनसुरक्षा संबंधी समस्त मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ गाजियाबाद। इन्दिरापुरम क्षेत्र में घटित अग्निकांड की घटना के मद्देनज़र जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें 17 विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश प्रदान किए गए।जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा उक्त अग्निकांड की घटना की गहन जांच हेतु एक टीम का गठन किया गया है, जिसमें जीडीए सचिव अध्यक्ष व एडीएम एफ/आर, सीएफओ और सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा सदस्य हैं। उन्होंने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में जनसुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। आपदा प्रबंधन, अग्निशमन विभाग, जीडीए एवं नगर निगम द्वारा निर्धारित जनसुरक्षा संबंधी समस्त मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी महोदय ने सभी फ्लैट ओनर एसोसिएशनों को निर्देशित किया कि उनकी सोसाइटी/भवनों में अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें। बैठक में फ्लैट ओनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कुछ निवासियों द्वारा अवैध रूप से बालकनी विस्तार एवं अवैध पार्किंग का निर्माण कराया गया है, जिससे आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होते हैं।मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल द्वारा अवगत कराया गया कि राजनगर एक्सटेंशन सहित अन्य उच्च-आवासीय (हाईराइज) क्षेत्रों के समीप अतिरिक्त फायर स्टेशनों की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए समुचित क्षमता वाले फायर स्टेशनों की स्थापना हेतु प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित किए जाएं। अवगत कराया गया कि वर्तमान में जनपद में 05 फायर स्टेशन संचालित हैं तथा 02 का निर्माण कार्य प्रगति पर है।बैठक में कनावनी क्षेत्र में घटित अग्निकांड की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिसमें स्लम एवं रिहायशी क्षेत्रों में अवैध रूप से कबाड़ के कार्य किए जाने को आगजनी की घटनाओं का एक प्रमुख कारण बताया गया। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय ने नगर निगम को निर्देशित किया कि ऐसे कार्यों पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही लाइसेंस प्रदान किए जाएं।जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा जीडीए, विद्युत विभाग, विद्युत सुरक्षा एवं अग्निशमन विभाग सहित समस्त संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त हाईराइज भवनों, स्लम क्षेत्रों, आवासीय परिसरों, औद्योगिक इकाइयों, होटलों, मॉल, रेस्टोरेंट एवं शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा घटना की स्थिति में संबंधित की जवाबदेही निर्धारित की जाए। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि जनपद में कहीं भी अग्निकांड की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए आवश्यक निवारक उपाय सुनिश्चित करें। बैठक में अपर नगर आयुक्त नगर निगम, सचिव गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण मण्डल, अपर पुलिस उपायुक्त, उप जिलाधिकारी सदर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उप श्रमायुक्त श्रम विभाग, डिप्टी रजिस्ट्रार चिट एण्ड फण्ड, उप निदेशक कारखाना, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मोदीनगर (नोडल), स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी/प्रतिनिधि उपस्थित रहे।












