इटावा में मजार विवाद ने पकड़ा तूल, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
संवाददाता रोहित कुमार: इटावा में वन विभाग की भूमि पर बनी एक मजार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब प्रशासन ने संबंधित स्थल को सरकारी जमीन बताते हुए नोटिस जारी किया और दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रशासन के अनुसार संबंधित मजार वन विभाग की भूमि पर स्थित है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भूमि अभिलेखों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मजार वर्षों पुरानी है और धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है।
बताया जा रहा है कि मामले की शिकायत उच्च स्तर तक पहुंची थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
इस बीच क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पक्षों को सुनकर और अभिलेखों की जांच के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, हालांकि प्रशासन ने इसे पूरी तरह कानूनी और राजस्व प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
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