मनरेगा बचाओ संग्राम: जॉबकार्ड धारकों की चौपाल, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाया योजना कमजोर करने का आरोप
संवाददाता: अमित शुक्ला
रंजीतपुर चिलबिला (सदर ब्लॉक)।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने व इसे कमजोर किए जाने के विरोध में मंगलवार को सदर ब्लॉक अध्यक्ष मो. वसीम जी के आह्वान पर रंजीतपुर चिलबिला कोट बूथ अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह जी के नेतृत्व में “मनरेगा बचाओ संग्राम” चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में दर्जनों जॉबकार्ड धारकों ने भाग लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। चौपाल को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार मनरेगा योजना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार के समय मनरेगा में केंद्र की 90 प्रतिशत और राज्य की 10 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी थी, जिसे अब बदलकर 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही लगभग 7 लाख 69 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है, ऐसे में राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना गरीब मजदूरों के हितों के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी इस अन्यायपूर्ण फैसले का कड़ा विरोध करती है। सदर ब्लॉक अध्यक्ष मो. वसीम और कार्यालय सचिव रियाज सुल्तान ने संयुक्त रूप से कहा कि पहले मनरेगा के तहत कार्य तय करने का अधिकार ग्राम सभा के पास था, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार सृजित होता था। अब केंद्र सरकार स्वयं कार्य तय करने जा रही है, जो पंचायतों के अधिकारों पर सीधा हमला है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को एक अधिकार-आधारित कानून के रूप में पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाए।
चौपाल कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष वेदान्त तिवारी, माँ चंडिका देवी धाम मंडल अध्यक्ष शुभम शुक्ल, सड़वा चंडिका न्याय पंचायत अध्यक्ष सद्दाम अहमद, नूर आलम, सावित्री देवी, लालती देवी, कमला, लक्ष्मी, सीता, सीमा, शकुंतला, विमला, गीता सरोज, अयतबारी, लीलावती, किरण, साधना, मालती, शिव कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जॉबकार्ड धारक उपस्थित रहे।












