यूपी में राशन कार्ड ई-केवाईसी पर उत्तर प्रदेश सरकार की नई व्यवस्था,नए कार्ड ड्राफ्ट सूची में डाले जाएंगे, पूरी केवाईसी के बाद ही लाभ
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर, लखनऊ क्षेत्र
लखनऊ,16-4-2026 उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने राशन कार्ड वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शासनादेश के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। आयुक्त रणवीर प्रसाद ने 16 अप्रैल को एनआईसी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ निदेशक राजीव रस्तोगी को पत्र भेजकर आरसीएमएस मॉड्यूल में तत्काल बदलाव के निर्देश दिए हैं। नई प्रक्रिया में नए राशन कार्ड या अतिरिक्त यूनिटें पूर्ति निरीक्षक के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद सीधे पात्रता सूची में नहीं आएंगी। ये ‘ड्राफ्ट राशनकार्डों की सूची’ में जाएंगी। आवेदक को मोबाइल पर एसएमएस मिलेगा: “आपका रा०का० ड्रॉफ्ट सूची में सम्मिलित किया गया है, किसी भी एफपीएस से समस्त नये सदस्यों की ई-केवाईसी कराना सुनिश्चित करें।”
ई-केवाईसी अनिवार्य, बच्चों को छूट
मुखिया सहित सभी नए सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी होने पर ही कार्ड सक्रिय होगा। बिना केवाईसी वाले सदस्य सूची में नहीं दिखेंगे। 0-5 वर्ष के बच्चों को छूट—मुखिया की केवाईसी पर वे शामिल हो सकेंगे। आवेदन में नाम, लिंग, आधार व जन्मतिथि अनिवार्य होंगे। ड्राफ्ट सूची सभी विभागीय लॉगिन पर दिखेगी। ‘राशनकार्ड लाभार्थी ई-केवाईसी रिपोर्ट’ में ड्राफ्ट यूनिट्स नहीं होंगीं। एआरओ स्तर पर अनुपालित यूनिट्स सीधे जोड़ी जा सकेंगी।
सरकार के नए vs पुराने नियम
बदलाव का क्षेत्र | पहले की व्यवस्था | अब की व्यवस्था |
कार्ड का प्रवेश | हस्ताक्षर के बाद पात्रता सूची | ड्राफ्ट सूची में, केवाईसी के बाद सूची |
| एसएमएस सूचना | कोई अलर्ट नहीं | आवेदन पर तुरंत एसएमएस | बच्चों (0-5 वर्ष) | वैकल्पिक केवाईसी | मुखिया केवाईसी पर शामिल |
| रिपोर्ट में यूनिट्स | सभी दिखतीं | केवल केवाईसी पूरी पर फर्जीवड़ा रोकेगी नई प्रणाली
यह कदम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाएगा। पिछले अभियानों में लाखों फर्जी यूनिटें हट चुकी हैं। जिला अधिकारी व एफपीएस पर जवाबदेही बढ़ेगी। प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, एनआईसी, संयुक्त/उपायुक्तों व जिला अधिकारियों को भेजी गई है। व्यवस्था तत्काल लागू।










