निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल, बीएसए की सख्ती से शिक्षकों में हड़कंप
अमित चौहान मंडल ब्यूरो
पटियाली ब्लॉक के कई विद्यालयों में मिली खामियां, अनुपस्थित शिक्षकों समेत मिड-डे मील पर भी उठे सवाल
कासगंज।जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सूर्य प्रताप सिंह ने सोमवार को पटियाली ब्लॉक के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं की भरमार देखकर बीएसए भड़क उठे। कहीं मिड-डे मील की गुणवत्ता खराब मिली, तो कहीं नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। कई शिक्षक ड्यूटी से गायब पाए गए तो कई ने महीनों से शिक्षक डायरी तक नहीं भरी थी। स्थिति देखकर बीएसए ने संबंधित शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी करते हुए कड़ा स्पष्टीकरण मांगा है।
किन-किन विद्यालयों में क्या खामियां मिलीं
औचक निरीक्षण के दौरान बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय मझोला-1, उच्च प्राथमिक विद्यालय मझोला, प्राथमिक विद्यालय बल्लूपुर, नगला अमीर, कंपोजिट विद्यालय झाऊझोर, भीकन थोक और प्राथमिक विद्यालय रुस्तमपुर का जायजा लिया
प्रा.वि. मझोला-1: नामांकन के मुकाबले बच्चों की उपस्थिति बेहद कम। शिक्षक आभा मिश्रा और जयपाल बिना अनुमति अनुपस्थित। मिड-डे मील रजिस्टर 19 सितंबर से अपडेट नहीं।
उ.प्रा.वि. मझोला: उपस्थिति नगण्य, शिक्षक डायरी अद्यतन नहीं, कंपोजिट ग्रांट का व्यय नहीं।
प्रा.वि. बल्लूपुर: बच्चों की उपस्थिति बहुत कम, व्यवस्थाएं अव्यवस्थित।
प्रा.वि. नगला अमीर: मिड-डे मील की गुणवत्ता बेहद खराब।
कंपोजिट विद्यालय झाऊझोर: छात्र उपस्थिति कम, कोई भी बच्चा ड्रेस में नहीं, शिक्षक डायरी एक माह से खाली।
भीकन थोक भरगैन: मदरसा की मान्यता किसी अन्य स्थान की मिली।
प्रा.वि. रुस्तमपुर: व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के बाद बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि शैक्षिक व्यवस्था को सुधारना प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिम्मेदारों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
औचक निरीक्षण से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और शिक्षकों में अफरा-तफरी का माहौल है।












