लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर ने खुद को मारी गोली, हालत गंभीर
स्टेट संवाददाता विष्णु रावत लखनऊ। गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र से शनिवार को एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी और लेनदारों के दबाव से परेशान एक प्रॉपर्टी डीलर ने अपने ऑफिस में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, गोमती नगर विस्तार स्थित रिवर व्यू अपार्टमेंट में अपने ऑफिस में मौजूद प्रॉपर्टी डीलर अभिषेक दत्त ने शनिवार दोपहर करीब चार बजे अचानक अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही ऑफिस परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे उनके साले वैभव ने अभिषेक को खून से लथपथ हालत में देखा और तुरंत उन्हें हेल्थ सिटी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभिषेक दत्त लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े कई बड़े सौदों में उनका करोड़ों रुपये का पैसा फंसा हुआ था। बाजार में भुगतान अटकने के कारण लेनदारों का दबाव लगातार बढ़ रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में थे। बताया जा रहा है कि शनिवार को ही बकाएदारों के साथ समाधान को लेकर बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने यह कदम उठा लिया।
अभिषेक दत्त मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी थे और वर्तमान में लखनऊ के ग्रीन व्यू अपार्टमेंट में रहते थे। वह कई वर्षों से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े थे और उनकी ‘कैप्शकॉन’ नाम की कंपनी भी है। परिजनों के मुताबिक, कोरोना काल के बाद से उनका कारोबार लगातार घाटे में चल रहा था। बढ़ता कर्ज और अनिश्चित भविष्य उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही गोमती नगर विस्तार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर को कब्जे में ले लिया गया है और सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी तरह का अतिरिक्त दबाव या अन्य कारण तो इस घटना के पीछे नहीं था।
यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि आर्थिक तंगी और कर्ज का बोझ किस तरह इंसान को मानसिक रूप से तोड़ देता है। समय रहते सहयोग और समाधान न मिलने की स्थिति में ऐसे दर्दनाक कदम सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
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