विषय एग्रीस्टैक पोर्टल से किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ, खेती होगी पूरी तरह डिजिटल: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया।

विषय एग्रीस्टैक पोर्टल से किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ, खेती होगी पूरी तरह डिजिटल: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया।

एग्रीस्टैक पोर्टल से किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ, खेती होगी पूरी तरह डिजिटल: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया।

जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा

कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता की नई पहल, एग्रीस्टैक से बनेगी हर किसान की डिजिटल पहचान

पानीपत, 2 जनवरी। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों को डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एग्रीस्टैक पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कृषि से संबंधित डेटा का एकीकृत प्रबंधन करना है, ताकि किसानों को समय पर आधुनिक तकनीकी सेवाएं जैसे फसल निगरानी, उर्वरक प्रबंधन, कृषि बीमा, ऋण वितरण और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा सके। डॉ दहिया ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसान आसानी से विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच बना सकेंगे, जिससे उनकी कृषि उत्पादकता और आय में वृद्धि होगी। यह पहल कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देगी, क्योंकि किसान बिना किसी मध्यस्थ के सीधे योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि एग्रीस्टैक पोर्टल से प्राप्त कृषि डेटा का विश्लेषण कर किसानों को उनकी फसल और संसाधनों से जुड़े बेहतर निर्णय लेने के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को कृषि से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही स्थान पर मिलेंगी, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता और निर्णय क्षमता में भी सुधार होगा। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ आत्मा राम गोदारा ने बताया कि जिले में अब तक हजारों किसानों की किसान आईडी बनाई जा चुकी है। किसानों से एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के पश्चात किसान की डिजिटल किसान आईडी बनाई जाएगी, जिसमें उसकी भूमि, फसल और कृषि गतिविधियों से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों को सीधे, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से प्राप्त होगा। उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. देवेंदर कुहाड़ ने बताया कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राज्य सरकार की डीबीटी योजनाएं सहित कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल बुआई रजिस्ट्री के माध्यम से फसलों का रियल टाइम डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा, जिससे कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक पारदर्शिता आएगी। उन्होंने बताया कि किसान आईडी बनाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, राजस्व विभाग के पटवारी तथा अन्य विभागों के कर्मचारी गांव-गांव में तैनात किए गए हैं। फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षण देकर गांव आवंटित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। किसान कैंपों या नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर अपनी किसान आईडी बनवा सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए किसान खंड कृषि अधिकारी कार्यालय या अपने हल्का पटवारी से संपर्क कर सकते हैं।

उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने किसानों से अपील की कि वे समय रहते एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहें और डिजिटल कृषि व्यवस्था से जुडक़र आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर खेती की ओर कदम बढ़ा सकें।

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