अपराध पर लगाम लगाने वाले तेजतर्रार थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह लाइन हाजिर, आसपुर देवसरा में फैसले पर उठे सवाल
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ
अपराधियों के लिए सख्त और आम जनता के लिए भरोसेमंद माने जाने वाले आसपुर देवसरा थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब उनके कार्यकाल को कानून-व्यवस्था के लिहाज से काफी प्रभावी माना जा रहा था।
विजेंद्र सिंह ने थाने की कमान संभालते ही अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। वर्षों से सिरदर्द बनी भैंस चोरी जैसी घटनाओं पर उन्होंने सुनियोजित रणनीति के तहत लगभग पूरी तरह अंकुश लगा दिया। लगातार दबिश, सक्रिय गश्त और सटीक कार्रवाई के चलते अपराधियों में पुलिस का खौफ साफ तौर पर देखा जाने लगा था।
अपराध नियंत्रण के साथ बदली थाने की तस्वीर
उनकी कार्यशैली केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रही। थाना परिसर की बदहाल व्यवस्था, गंदगी और अव्यवस्था को सुधारना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा। साफ-सुथरा, अनुशासित और व्यवस्थित थाना परिसर उनके कार्यकाल की पहचान बन गया, जिससे फरियाद लेकर आने वाले लोगों को सम्मानजनक और सकारात्मक माहौल मिला। जनता से संवाद बना पहचान विजेंद्र सिंह आम लोगों से सीधे संवाद समस्याओं को गंभीरता से सुनने और त्वरित समाधान के लिए जाने जाते थे। यही वजह रही कि क्षेत्रवासियों के बीच उनकी छवि एक कर्तव्यनिष्ठ, निर्भीक और जमीन से जुड़े पुलिस अधिकारी की बनी।
लाइन हाजिर की कार्रवाई पर उठे सवाल
पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें लाइन हाजिर किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में असमंजस और चर्चा का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उनके कार्यकाल में अपराध नियंत्रण मजबूत हुआ और कानून व्यवस्था में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। ऐसे में यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है।
याद किया जाएगा कार्यकाल
भले ही प्रशासनिक निर्णय के तहत उन्हें लाइन हाजिर किया गया हो, लेकिन आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में उनका कार्यकाल अनुशासन, स्वच्छता और अपराध नियंत्रण के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।












