यूपी में बदला मौसम का मिजाज: ओले-बारिश और आंधी से जनजीवन प्रभावित, हादसों में कई मौतें
स्टेट ब्यूरो चीफ विष्णु रावत


उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। शुक्रवार देर रात से शुरू हुआ खराब मौसम शनिवार को भी जारी है। आगरा में देर रात ओले गिरे, जबकि मथुरा और संभल में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कासगंज में तेज आंधी के चलते एक पेड़ टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर नीचे खड़े भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। शनिवार सुबह से मेरठ, गाजियाबाद समेत करीब 20 शहरों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे मौसम ठंडा हो गया है लेकिन लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने आज 35 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जबकि 55 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग के अनुसार इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। इसका असर 9 अप्रैल तक यानी अगले पांच दिनों तक बना रहने की संभावना है।
बारिश का असर फसलों पर भी पड़ा है। मथुरा के कोसीकलां अनाज मंडी में बारिश के चलते करीब 10 हजार बोरियों में रखा 5 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया, जिससे किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, आगरा में तेज बारिश और आंधी के चलते 5 कच्चे मकान ढह गए। इधर, प्रदेश में आकाशीय बिजली भी कहर बनकर टूटी है। पिछले 48 घंटे में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें वाराणसी में एक सरकारी शिक्षक और उनकी पत्नी, चित्रकूट में दो लोग और ललितपुर में एक व्यक्ति शामिल हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।












