जुलूस के नाम पर घंटो बाधित रहा राष्ट्रीय राजमार्ग भीषण जाम से बेहाल हुए
यात्री
जिला संवाददाता अमित शुक्ला
कुंडा/प्रतापगढ़। ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर कुंडा क्षेत्र में निकाले गए जुलूस के दौरान बुधवार शाम प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। जुलूस के कारण राजमार्ग पर कई घंटों तक यातायात व्यवस्था चरमराई रही और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसे यात्रियों, बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जुलूस के लिए पहले से रूट और समय निर्धारित होने के बावजूद जुलूस राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों लेनों तक फैल गया। देखते ही देखते वाहनों की रफ्तार थम गई और कुछ ही देर में कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा, जबकि जरूरी काम से यात्रा कर रहे लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने जुलूस के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि निर्धारित संख्या से अधिक लाउडस्पीकर, डीजे और बड़े साउंड बॉक्स का प्रयोग किया गया। वहीं कुछ वाहनों पर रॉकेटनुमा उपकरण लगाए जाने तथा तेज आवाज के साथ पटाखे छोड़े जाने की शिकायत भी सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।
इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब जुलूस के आयोजन की जानकारी पहले से प्रशासन के पास थी और रूट भी निर्धारित था, तो राष्ट्रीय राजमार्ग को घंटों तक जाम से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। सवाल यह भी उठ रहा है कि जुलूस के दौरान यातायात को नियंत्रित करने और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकालने की प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि जुलूस के लिए किन शर्तों पर अनुमति दी गई थी, आयोजकों द्वारा उन शर्तों का कितना पालन किया गया और यातायात व ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों में क्या कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक पर्व और आयोजन समाज की आस्था से जुड़े होते हैं, लेकिन इसके साथ आम जनता की सुविधा, यातायात व्यवस्था और कानून का पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों तक बनी जाम की स्थिति और नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर क्या कदम उठाया जाता है।












