पोषण एवं निगरानी समिति की बैठक में पोषण योजनाओं की समीक्षा,सैम/मैम बच्चों के स्वास्थ्य सुधार एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कराएं: अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री विकास कश्यप

पोषण एवं निगरानी समिति की बैठक में पोषण योजनाओं की समीक्षा,सैम/मैम बच्चों के स्वास्थ्य सुधार एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कराएं: अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री विकास कश्यप

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

गाजियाबाद।दिनांक: 22.09.2026 महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी, गाजियाबाद के निर्देशन में जिला पोषण समिति एवं जिला निगरानी समिति की बैठक अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री विकास कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एम.ओ.आई.सी., एन.आर.सी., खण्ड विकास अधिकारी लोनी, मुरादनगर, रजापुर एवं भोजपुर, अधिशासी अभियंता नगर निगम गाजियाबाद, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा पोषण अभियान से संबंधित सहयोगी विभागों एवं जिला निगरानी समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता चन्द्रा द्वारा बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन, पोषण ट्रैकर ऐप पर फीडिंग की स्थिति, ग्रोथ मॉनीटरिंग की उपलब्धता, आंगनबाड़ी केन्द्रों के कायाकल्प, केन्द्रों के निरीक्षण, एन.आर.सी. में एडमिशन, एनिमिया, ई.सी.सी.ई. किट की उपलब्धता एवं ई-कवच, सम्भव 6.0 अभियान तथा पोषण माह सितम्बर, 2026 के आयोजन सहित विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में उक्त बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।वजन/लम्बाई एवं ऊंचाई की फीडिंग: बैठक में सर्वप्रथम पोषण ट्रैकर ऐप पर वजन, लम्बाई एवं ऊंचाई की फीडिंग की समीक्षा की गई। जनपद गाजियाबाद में माह अगस्त 2026 में पोषण ट्रैकर पर मेजरिंग एफिशिएंसी 99.14 प्रतिशत पाई गई, जो माह जुलाई की तुलना में 0.82 प्रतिशत अधिक है। इसे शत-प्रतिशत किए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता: समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता की जानकारी ली गई।

जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वजन मशीन उपलब्ध नहीं है, उनकी सूची तैयार कर कन्वर्जेन्स के माध्यम से चिकित्सा विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए ग्राम प्रधान एवं आशा वर्कर्स के संयुक्त अनटाइड फंड से आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए।

टेक होम राशन/मॉर्निंग स्नैक वितरण: पोषण ट्रैकर ऐप पर टेक होम राशन/मॉर्निंग स्नैक वितरण की फीडिंग अपेक्षाकृत कम पाई गई।

इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वितरण की शत-प्रतिशत फीडिंग पोषण ट्रैकर ऐप पर सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही नैफेड द्वारा समय से आपूर्ति उपलब्ध कराए जाने हेतु निदेशालय को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।

जेस्टेशनल वेट गेन (जीडब्ल्यूजी): गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं के वजन में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं मुख्य सेविकाओं को नियमित गृह भ्रमण करने तथा आवश्यक परामर्श एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सैम/मैम बच्चों का प्रबंधन: पोषण ट्रैकर ऐप के अनुसार माह अगस्त 2026 में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा कुल 402 सैम बच्चों का चिन्हांकन किया गया है। चिन्हित सैम बच्चों के स्वास्थ्य में शत-प्रतिशत सुधार सुनिश्चित करने हेतु वजन दिवस के अवसर पर व्यापक मापन एवं वृद्धि निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए सैम बच्चों की सूची प्रतिमाह तैयार कर आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से लाभान्वित कराया जाए। चिन्हित सैम बच्चों को निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप पोषाहार उपलब्ध कराने एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

आहार से उपचार फाउंडेशन द्वारा चिन्हित सैम बच्चों को उपलब्ध कराई गई पोषण पोटली के उपयोग से बच्चों में होने वाली वृद्धि एवं स्वास्थ्य सुधार की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही चिन्हित मैम बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु निर्धारित पोषाहार का समुचित वितरण एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सैम चिन्हांकन: सम्भव 6.0 अभियान के अंतर्गत निर्धारित मानकों के अनुसार सैम बच्चों का चिन्हांकन सुनिश्चित करने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया। ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए, जहां सैम बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाई जा रही है, ताकि वहां टीम गठित कर पोषण स्थिति का समुचित आकलन किया जा सके। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से कुल डिलीवरी के सापेक्ष अंडरवेट बच्चों की संख्या से संबंधित रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

एन.आर.सी.: जनपद गाजियाबाद में माह अगस्त 2026 में 22 बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र (एन.आर.सी.) के लिए संदर्भित किया गया। सम्भव 6.0 अभियान के अंतर्गत चिन्हित समस्त सैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप एवं नियमित मासिक फॉलोअप के द्वारा समुचित पोषण प्रबंधन सुनिश्चित कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया।

एनिमिया मुक्त भारत: आइरन फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन कवरेज को बढ़ाए जाने हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आर.बी.एस.के. टीम: जनपद में चिन्हित समस्त सैम बच्चों को एन.आर.सी. में शत-प्रतिशत संदर्भित कराने हेतु आर.बी.एस.के. टीम को निर्देशित किया गया। प्रत्येक बच्चे का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उसकी पोषण स्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण एवं मूलभूत सुविधाएं: जनपद में लक्षित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का कार्य निर्धारित समय में पूर्ण न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु मरम्मत योग्य केन्द्रों में आवश्यक सुधार एवं मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

सम्भव 6.0 अभियान: सम्भव 6.0 अभियान के सितम्बर 2026 के रिपोर्ट कार्ड के अनुसार जनपद गाजियाबाद में जेस्टेशनल वेट ऑफ पीडब्ल्यू परसेंटेज की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रगति में समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गर्भावस्था अवधि में महिलाओं के वजन में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक गतिविधियों का आयोजन एवं नियमित निगरानी कराई जाए, ताकि सम्भव 6.0 अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को सितम्बर 2026 में शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके।

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