सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश
बोले—किसी विभाग की शिथिलता से प्रभावित न हो जनपद की रैंकिंग
संवाददाता योगेन्द्र सिंह एटा, 25 अगस्त। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड से संबंधित विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों की प्रगति तथा सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित रैंकिंग की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी-अपनी रैंकिंग में निरंतर सुधार लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही या शिथिलता के कारण पूरे जनपद की रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड शासन की प्राथमिकताओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सभी अधिकारी डैशबोर्ड पर प्रदर्शित बिंदुओं की नियमित समीक्षा करें। जिन योजनाओं में प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां तत्काल कमियों को चिह्नित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के साथ ही उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
कम रैंकिंग वाले विभागों को सुधार के निर्देश
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सेतु निर्माण, स्वयं सहायता समूहों के गठन तथा छात्रवृत्ति वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, उपायुक्त एनआरएलएम तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को संबंधित योजनाओं की रैंकिंग में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर जनपद की रैंकिंग बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में अपेक्षित परिणाम दिखाई देने चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों को संबंधित विभाग अथवा संस्थाओं को समय से हैंडओवर कराया जाए, ताकि तैयार परियोजनाओं का लाभ आम जनता को मिल सके और कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा करते रहें। जहां भी लक्ष्य प्राप्त करने में कमी या किसी प्रकार की समस्या सामने आती है, उसका तत्काल समाधान कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में तेजी लाते हुए सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही योजनाओं की प्रगति से संबंधित आंकड़ों को समय से अपडेट कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उपायुक्त एनआरएलएम विकल कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ललित अग्रवाल, आदेश कुमार वर्मा, एसई विद्युत सुभाष चंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार ने किया।
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