जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की प्रगति के सम्बंध में मासिक बैठक आहूत।
संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर


परियोजनाओं का कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयान्तर्गत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाएं: जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को दण्ड अधिरोपित, दिव्यांग बच्चों के इलाज में उपयोग की जायेगी उक्त धनराशि
बॉक्स: जिलाधिकारी महोदय ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी खंड-2, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण खंड-2, अधिशासी अभियंता पुलिस आवास निगम, अधिशासी अभियंता आवास विकास परिषद, अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण भवन खंड मेरठ, अधिशासी अभियंता सिंचाई मेरठ खंड व प्रोजेक्ट मैनेजर एचएचसीसी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हुए 11—11 हजार रूपये का दण्ड अधिरोपित करते हुए डीएसटीओ को निर्देशित किया किया कि प्राप्त धनराशि को विकलांग बच्चों के इलाज हेतु उपयोग में लाई जाएं। गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की प्रगति के सम्बंध में मासिक बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान अवगत कराया गया कि सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक लागत की 320 परियोजनाएं प्रदर्शित हैं, जिसमें से 167 पूर्ण हो चुकी हैं और 136 अपूर्ण हैं, इसके साथ ही माह दिसम्बर में 17 परियोजनाएं विलम्बित हैं। उक्त परियोजनाओं को पूर्ण करने का कार्यदायी संस्थाएं उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0, उत्तर प्रदेश जल निगम (अर्बन), उ.प्र. राज्य सेतु निगम लि., उ0प्र0 प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लि0, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद निर्माण इकाई, यूपी सिडको, सी० एण्ड डी० एस०, उ0 प्र0 पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लि0, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड, नगर निगम- गाजियाबाद, उ.प्र. राज्य निर्माण सहकारी संध लि. लखनऊ (यू.पी.आर.एन.एस.एस.), ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, HSCC (INDIA) LTD (A Govt of India Enterprise), NBCC (India) Limited, उत्तर प्रदेश जल निगम (रूरल) हैं। बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी परियोजना में भूमि सम्बंधित कोई विवाद हो तो उसके लिए सम्बंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को समयान्तर्गत पूर्ण कराया जाएं। यदि आपसी समन्वय से कार्य नहीं हो पा रहा है तो जिलाधिकारी स्तर पर उस समस्या का निस्तारण करवाया जाएं। किन्तु कार्य हर कीमत पर पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयान्तर्गत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए। यदि कार्य को पूर्ण करने में धनाभाव होता है तो अपने स्तर से या आवश्यकतानुसार जिलाधिकारी स्तर से मुख्यालय पत्र प्रेषित किया जाएं। परियोजनाओं के पूर्ण होने में धनाभाव की शिकायत ना आने पाएं इसका विशेष ध्यान रखा जाएं। उन्होने कहा कि किसी भी कागजी कार्यवाही में कोताही ना बरती जाएं जो भी कार्यवाही हो पूर्ण गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ सम्बंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पूर्ण की जाएं। जिलाधिकारी महोदय द्वारा क्रमवार जनपद में संचालित 5 लाख से अधिक की सभी परियोजनाओं की प्रगति की सम्बंधित विभाग/संस्था से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हुए समस्याओं से अवगत होते हुए मौके पर ही सम्बंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। उन्होने सभी संस्थाओं/विभागों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं का कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयान्तर्गत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल, आईएसएस अयान जैन, डीएसटीओ श्री राजीव श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा श्रीवास्तवा सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं एवं सम्बंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।












