नशे के अवैध कारोबार पर कसें शिकंजा, सार्वजनिक स्थानों पर चलाएं प्रभावी जागरूकता अभियान: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ।
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।
पानीपत, 15 अक्टूबर। राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जनता समाधान शिविर के तहत वीरवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के सहयोग से विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान 11 विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने, सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार और इसके दुष्प्रभावों पर प्रभावी अंकुश लगाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। नशा केवल एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जाए तथा जहां भी प्रतिबंधित गतिविधियां सामने आएं, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ऐसी गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान संबंधी सामग्री की बिक्री पर लें संज्ञान
जनता समाधान शिविर में शिकायतकर्ता यशपाल ने उपायुक्त को कुछ सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम धूम्रपान संबंधी सामग्री की बिक्री होने की जानकारी दी। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत में बताए गए स्थानों और गतिविधियों की जांच करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदियों में कचरा डालकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन ट्रैक्टरों के संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिनके माध्यम से नदियों में कचरा डाले जाने की शिकायतें मिलती हैं।
उपायुक्त ने कहा कि नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषित करना पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग तथ्यों की जांच करते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करें और नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज करवाने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस विभाग को भी इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। स्वच्छ जलस्रोत और स्वच्छ वातावरण आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक हैं। इसलिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर आम नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सभी विभागीय अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और प्रत्येक मामले में तथ्यों की जांच करके नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव है, उनमें अनावश्यक देरी न की जाए। अन्य मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को स्थिति से अवगत कराया जाए।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि जनता समाधान शिविर में नागरिकों द्वारा पुलिस विभाग और कानून-व्यवस्था से संबंधित समस्याएं सामने रखी जाती हैं। ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि नशे से संबंधित गतिविधियों और सार्वजनिक स्थानों पर कानून का उल्लंघन करने वाले मामलों में पुलिस विभाग संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करेगा। नागरिकों से भी अपील है कि यदि उन्हें नशे के अवैध कारोबार या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।











