दुनिया
सारी दुनिया तो मतलबी है बस तुम बिना मतलब के आना ।
दुनिया तो खुदग़र्ज़ थी पर तुम अपने बन कर आना ।
कोई कुछ भी कहे तुम अपनी बात समझाना। कोई हो या ना हो तुम दोस्त बन कर आना ।
जब लोग नहीं समझते मुझे तुम मेरी बात समझ जाना।
जब भरोसा नहीं किसी पर मुझे तुम मुझे यकीन दिलाना।
इस बुरी दुनिया में तुम बस एक दोस्त बन कर आना।
आयशा अल गजल
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