आस्था, कला और सांस्कृतिक संगम का जीवंत प्रतीक बना एनटीपीसी ऊँचाहार का दुर्गा पूजा महोत्सव

आस्था, कला और सांस्कृतिक संगम का जीवंत प्रतीक बना एनटीपीसी ऊँचाहार का दुर्गा पूजा महोत्सव

पांच दिवसीय महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, डीएवी ग्राउंड में पहली बार सजा भव्य पंडाल
संवाददाता धीरेंद्र कुमार ​ ऊँचाहार, रायबरेली। शरद ऋतु का आगमन, हवा में खिलती फूलों की मनमोहक सुगंध और भक्तिमय संगीत की धुनें… कुछ ऐसा ही विहंगम दृश्य एनटीपीसी ऊँचाहार के पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव-2026 में देखने को मिला। 16 से 20 अक्टूबर तक आयोजित इस भव्य महोत्सव ने संपूर्ण परिसर को श्रद्धा, कला और सांस्कृतिक उल्लास के रंग में सराबोर कर दिया।
​इस वर्ष पहली बार डीएवी ग्राउंड में 51 फीट ऊंचे भव्य और पारंपरिक बंगाली शैली के पूजा पंडाल का निर्माण किया गया था, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। एनटीपीसी प्रबंधन की पर्व आयोजन समिति 2026-27 द्वारा कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री बिस्वा मोहन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले में रंग-बिरंगी रोशनी, सुंदर सजावट, खान-पान के व्यंजन और मनोरंजन के सुरक्षित साधन उपलब्ध कराए गए थे। आयोजन में एनटीपीसी परिवार के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
​पाँच दिनों तक चले इस महोत्सव में प्रतिदिन रंगारंग व भक्तिमय कार्यक्रमों की धूम रही। 16 अक्टूबर को माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापना और चिन्मय विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का आगाज हुआ। 17 अक्टूबर को लखनऊ के प्रसिद्ध रागा ग्रुप ने भक्ति व सूफी भजनों से समां बांधा, वहीं 18 अक्टूबर को शिव–शक्ति पर आधारित कथक नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। 19 अक्टूबर को एनटीपीसी कर्मचारियों एवं उनके परिजनों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।
​समापन अवसर पर कार्यकारी निदेशक बिस्वा मोहन सिंह ने कहा कि एनटीपीसी सदैव सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है और यह महोत्सव हमारी अटूट आस्था और समृद्ध संस्कृति का जीवंत उदाहरण है।

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