अयोध्या में ऐतिहासिक ध्वजारोहण: 25 नवम्बर को राम मंदिर के शिखर पर लहराएगा भगवा ध्वज

अयोध्या में ऐतिहासिक ध्वजारोहण: 25 नवम्बर को राम मंदिर के शिखर पर लहराएगा भगवा ध्वज

राम मंदिर के 161 फुट ऊंचे मुख्य शिखर पर 25 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा 22×11 फीट का भगवा ध्वज फहराया जाएगा — यह समारोह मंदिर निर्माण की पूर्णता और धार्मिक महत्त्व का प्रतीक होगा।

संवाददाता बिपिन मिश्रा पांच दिवसीय पूजा-हवन और सांस्कृतिक आयोजनों के बाद 25 नवम्बर को दोपहर के अभिजित मुहूर्त में ध्वजारोहण संपन्न होगा। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहेंगे; दर्शन 24 नवम्बर शाम से 26 नवम्बर सुबह तक बंद रखा जाएगा।

समारोह का महत्व और कार्यक्रम

यह ध्वजारोहण राम मंदिर निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी और समापन का प्रतीक माना जा रहा है। मंदिर के शिखर पर तिरंगे के स्थान पर 22×11 फीट का भगवा झंडा लगाया जाएगा — इसमें सूर्य, ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष के प्रतीक अंकित होंगे। आयोजक कहते हैं कि यह झंडा स्थानीय परम्परा और वाल्मिकी रामायण के प्रतीकों के अनुरूप होगा।

समय-सारिणी और पूजाआयोजन

  • 21 नवम्बर से 5 दिवसीय वैदिक अनुष्ठान, हवन और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • ध्वजारोहण का मुहूर्त: 25 नवम्बर (दोपहर/अभिजित काल)।
  • ध्वजदंड की ऊँचाई और झंडे का आकार — आयोजकों के अनुसार झंडा 42 फुट ऊँचे धज पर स्थापित किया जाएगा और आकार लगभग 22×11 फीट है।
  • सुरक्षा व व्यवस्थाओं के कारण 24 नवम्बर शाम से 26 नवम्बर सुबह तक मंदिर दर्शन बंद रहेगा; हजारों श्रद्धालु और आम नागरिक आयोजन स्थल के निकट विविध व्यवस्थाओं के तहत शामिल होंगे।

तैयारियाँ और तकनीकी व्यवस्थाएँ

आयोजन की तकनीकी और सुरक्षा तैयारियों में सेना और स्थानीय प्राधिकरणों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है; ध्वज फहराने और शिखर पर झंडा लगाने के लिए पूर्वाभ्यास किए गए हैं। शहर के कई चौराहों और मुख्य मार्गों पर LED स्क्रीन और प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था की जाएगी जिससे लाइव प्रसारण और श्रद्धालुओं की सुविधा बेहतर हो सकेगी।

लाइव कवरेज और पहुँच

आयोजक और प्रसारण नेटवर्क इस समारोह का लाइव टीवी तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारण सुनिश्चित करेंगे। आयोजकों ने आम जनतांत्रिक पहुंच और सुरक्षा को मिलाकर व्यवस्थाएँ घोषित की हैं — लेकिन पूजा-अनुष्ठान के दौरान कुछ समय के लिए आम दर्शन बंद रहेंगे, इसलिए श्रद्धालुओं को सूचित किया गया है।

स्थानीय और राजनैतिक उपस्थिति

उच्चस्तरीय अतिथियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शामिल होंगे; इसके साथ ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे गणमान्य लोग कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। आयोजक सुरक्षा कारणों से अतिथि सूची और प्रवेश-प्रक्रिया के बारे में अलग निर्देश जारी कर चुके हैं।

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