पानीपत को जाम-मुक्त बनाने और आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए सख्त प्रशासनिक कदम, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के साथ उपायुक्त डॉ. दहिया की अहम बैठक
जिला क्राइम रिपोर्टर: सागर गोयल
पानीपत, हरियाणा |
23 दिसंबर पानीपत शहर को जाम-मुक्त और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने स्पष्ट किया कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल कागज़ों तक सीमित न रहकर ज़मीन पर दिखाई देना चाहिए। मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के सात चयनित सदस्यों ने उपायुक्त डॉ. दहिया से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सहयोगियों ने जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं, विभिन्न विभागों की कार्यशैली और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति को विस्तार से जाना। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने अलग-अलग विभागों का दौरा कर योजनाओं के ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन का अवलोकन किया। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। एक कट पहले ही खुलवाया जा चुका है, जबकि दूसरे कट को खोलने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ-साथ सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, ऑटो-रिक्शा के लिए अलग लेन का प्रावधान किया जा रहा है और शहर में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवारा पशु, बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के सवालों के जवाब में उपायुक्त ने कहा कि आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या, बिजली व पानी की निर्बाध आपूर्ति, सड़कों की मरम्मत और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अलावा नशा मुक्ति अभियान को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता व कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त डॉ. दहिया ने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि वे सरकार और जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। फील्ड में जाकर वास्तविक समस्याओं की पहचान करना और प्रशासन को फीडबैक देना उनकी बड़ी जिम्मेदारी है, जिससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने अधिकांश विभागों की कार्यशैली को संतोषजनक और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर अधिकारी मेहनत से कार्य कर रहे हैं और इसी गति से काम जारी रहा तो आने वाले समय में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उपायुक्त ने शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि अच्छे परिणामों के लिए सिस्टम को और मजबूत करना होगा तथा सभी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी मेहनती है और यदि अधिकारी तेज गति से कार्य करें तो सरकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं निगम आयुक्त डॉ. पंकज, एसडीएम मनदीप कुमार, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, प्रोग्राम टीम से यामनीष सिंह, लर्निंग टीम लीडर अभिषेक तथा मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी निधि मेहरा, संदीप कुमार, प्रखर, प्रतीक्षा, सारिका, अदिति और महिमा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।












