मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में मण्डलायुक्त द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु निर्गत निर्देश
संवाददाता पवन सूर्यवंशी: गाजियाबाद। आयुक्त, मेरठ मण्डल, मेरठ के सभागार में कल देर रात तक आयोजित मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, प्रवर्तन को प्रभावी बनाने तथा आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढाने हेतु विस्तृत रणनीति पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता श्री भानु चन्द्र गोस्वामी, आयुक्त मेरठ मण्डल द्वारा की गई, जिसमें परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त महोदय द्वारा सम्भाग गाजियाबाद के सभी जनपदों को निर्देशित किया कि सभी ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाए तथा सड़क निर्माण कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किये गये सुधारात्मक कार्यों का भौतिक सत्यापन कर एक सप्ताह में अनुपालन प्रस्तुत किया जाय, तथा उनकी नियमित समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।

ओवरस्पीड, हेलमेट/सीट बेल्ट उल्लंघन, नशे में वाहन संचालन, अवैध स्टंट ड्राइविंग आदि पर कड़ी कार्यवाही करते हुए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए जाएं। साथ ही सम्भाग के जनपदों में हॉस्पिटल / मेडिकल कॉलेजों के बाहर से अनाधिकृत रूप से संचालित हो रही एम्बुलेसों के विरूद्ध कड़ी प्रवर्तन कार्यवाही करते नियमानुसार चालान / निरूद्ध की कार्यवाही की जाय। गढ़मुक्तेश्वर में अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है, इस सम्बन्ध में यातायात पुलिस, हापुड़ को निर्देशित किया गया कि जाम की समस्या का स्थायी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उपस्थित एनएचएआई के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉटों व अन्य बिन्दुओं पर सन्तोषजनक कार्यवाही न होने पर आयुक्त महोदय द्वारा गहरा रोष व्यक्त किया गया।
उक्त के अतिरिक्त बैठक में अध्यक्ष महोदय द्वारा निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए-132 वाहन, जिनके 50 से अधिक चालान हैं एवं 1207 वाहन जिनके 40 से अधिक चालान हैं, के वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करते हुए पंजियन अधिकारियों को वाहनों के पंजीयन निरस्त की कार्यवाही किए जाने हेतु शख्त निर्देश दिए गए, जिससे यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लग सके। कुल 1339 वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जायेगा। बैठक में उपस्थित एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत कटों को बन्द करने एवं झाडियों की कटिंग का कार्य, जिनसे दृश्यता कम होती है, के साथ साथ प्रजेन्टेशन के माध्यम से पूर्ण विवरण के साथ आख्या दिनांक 31.12.2025 तक उपलब्ध करायें। अन्यथा की दशा में कठोर कार्यवाही की जायेगी।
ऐसे स्थल जहाँ पर दुर्घटना अधिक होती हैं अथवा जहाँ दुर्घटना होने की संभावना अधिक है ऐसे स्थलों का विवरण संकलित कराते हुए यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सम्बन्धित निर्माण / कार्यदायी संस्था को सुधारात्मक कार्यवाही हेतु उपलब्ध करायेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्गो एक्सप्रेसवे एवं राज्यमार्ग व अन्य मार्गों पर सम्बन्धित निर्माण/कार्यदायी संस्था के अधिकारियों द्वारा ब्लिंकिग लाइटस एवं स्पीड लिमिट के संकेतक बोर्ड / कैमरा 500 मी0 से 1500 मीटर के अंतराल पर लगाए जाएँ जिससे चालक स्पीड लिमिट का पालन कर सके। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं एक्सप्रेसवे के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे पर स्थापित टोल प्लाजाओं पर 24 घण्टे एक-एक एम्बुलेन्स की उपलब्धता के साथ चालकों की 8-8 घण्टे की तीन शिफ्ट में डयूटी लगाकर सम्बन्धित एम्बूलेन्स का नम्बर एवं चालक का नाम एवं मोबाईल नम्बर स्थानीय थानें को उपलब्ध करायें।
जिससे आवश्यकता पडने पर तत्काल समन्वय स्थापित करते हुए दुर्घटना पीडितों को समय से चिकित्सीय उपचार कराया जा सके। सडक सुरक्षा नियमों के प्रचार प्रसार हेतु यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सडक सुरक्षा के नियमों का प्रचार प्रसार एफएम रेडियो एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन में प्रचार प्रसार कराया जाए जिससे सडक सुरक्षा नियमों के प्रति आम जन को जागरूक किया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं एक्सप्रेसवे के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोहरे के समय राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग बढाने के साथ साथ राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे पर स्थापित टोल प्लाजाओं से कोहरे से सूरक्षा के दृष्टिगत वाहन को धीरे से चलाने एवं अत्यधिक कोहरा होने पर सुरक्षित स्थान पर वाहन को रोकने सम्बन्धित उदघोषणायें करायी जाएँ।
अध्यक्ष महोदय ने कहा कि सड़क सुरक्षा महज कानून का विषय नहीं, बल्कि जनजागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होने सभी विभागों को समन्वय के साथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु लक्ष्य की दशा में कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रत्येक विभाग को कार्ययोजना के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
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