पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया प्रशिक्षण

पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी प्रशिक्षण लोनी ब्लॉक में विद्यालय प्रधानाचार्यों हेतु सोलर संवाद आयोजित।

संवाददाता सायरा सूर्यवंशी

पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया प्रशिक्षण

गाजियाबाद केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रूफटॉप सोलर को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से मंगलवार को लोनी ब्लॉक में विद्यालय प्रधानाचार्यों के साथ सोलर संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम ग़ाज़ियाबाद जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी , लोनी श्री शरवेश कुमार, नगर निगम पार्षद श्री देवेश तथा अन्य बीआरसी लोनी के सदस्यों की उपस्थिति रही।

यह आयोजन राज्य सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों एवं यूपिनेडा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का नेतृत्व एवं संचालन सूर्य संगम टीम द्वारा किया गया। सूर्य संगम के संस्थापक आलोक राय ने सत्र का नेतृत्व करते हुए प्रधानाचार्यों को पीएम सूर्य घर योजना के उद्देश्यों, लाभों, आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी संरचना तथा दीर्घकालिक आर्थिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी।

सह-संस्थापक चिराग पटेल एवं आरती सिंह ने प्रशिक्षण सत्रों का सह-संचालन करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों एवं केस स्टडी के माध्यम से सोलर अपनाने की प्रक्रिया को सरल रूप में प्रस्तुत किया।

सोलर अपनाने की बाधाओं पर चर्चा

सत्र के दौरान यह बताया गया कि आम नागरिकों के लिए रूफटॉप सोलर अपनाने में जानकारी का अभाव, तकनीकी भ्रम एवं प्रक्रियागत जटिलता प्रमुख बाधाएँ हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु सोलर संवाद जैसे संरचित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सूर्य संगम द्वारा विकसित सूर्य कैलकुलेटर टूल का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसके माध्यम से बिजली खपत के आधार पर सोलर सिस्टम की उपयुक्त क्षमता, संभावित सरकारी सब्सिडी तथा अनुमानित बचत का स्पष्ट एवं पारदर्शी आकलन किया जा सकता है ।

प्रधानाचार्यों ने इस डिजिटल टूल को सोलर से संबंधित निर्णय लेने में सहायक बताया।

कार्यक्रम में सूर्य संगम के शशांक सिंह द्वारा सोलर सिस्टम के तकनीकी पक्ष, इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तथा क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक अनुभव साझा किए गए, जिससे प्रतिभागियों को योजना की जमीनी समझ प्राप्त हुई।

विद्यालयों की भूमिका

वक्ताओं द्वारा यह रेखांकित किया गया कि विद्यालय समाज में जागरूकता के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यदि शिक्षा संस्थान स्वयं रूफटॉप सोलर अपनाते हैं, तो इससे छात्रों, अभिभावकों एवं समुदाय में सकारात्मक संदेश जाता है और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा मिलता है।

इस आयोजन में द सोशल पर्पज ट्रस्ट संस्था ने सहयोगी संगठन के रूप में सामुदायिक स्तर पर संवाद, समन्वय एवं जन-जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्यों को पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, निवेश-वापसी तथा दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभों की जानकारी दी गई।

यह संदेश दिया गया कि रूफटॉप सोलर न केवल बिजली बिल में राहत प्रदान करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु नागरिक www.suryasangam.com पर विज़िट कर सकते हैं।

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