भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश शर्मा के नेतृत्व में बिजली विभाग के निजीकरण एवं स्मार्ट मीटर लगाए
मंडल संवाददाता अमित चौहान
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकियू के पूर्व जिला महासचिव चौधरी नवाब सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी ठोस कारण के अपने निजी लाभ के लिए बिजली विभाग का निजीकरण करने का असफल प्रयास कर रही है। इससे आम जनता को एक बार फिर लालटेन युग की ओर धकेला जा रहा है। गरीब किसान और मजदूर वर्ग के लिए बिजली केवल सपना बनकर रह जाएगी।
चौधरी नवाब सिंह ने कहा कि पहले सभी उपभोक्ताओं के घरों पर सादे मीटर लगाए गए, जिनकी कीमत उपभोक्ताओं से वसूली गई। अब जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के स्पष्ट आदेश हैं कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की सहमति से ही लगाए जा सकते हैं। इसके बावजूद बिना रजामंदी के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसका भारतीय किसान यूनियन पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं के गले में फांसी के फंदे के समान बताते हुए कहा कि यह आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने का षड्यंत्र है। उन्होंने सभी ग्रामीणों और उपभोक्ताओं से संगठित होकर स्मार्ट मीटर का विरोध करने का आह्वान किया। प्रदर्शन के दौरान विभागीय अधिकारियों और स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी के उच्च अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी गांव में मीटर कर्मचारियों के साथ कोई विवाद या झगड़ा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित एजेंसी की होगी।
इस प्रदर्शन में बाबू सिंह, रिंकू सिंह, खजान सिंह, दुर्वेश कुमार, महेंद्र सिंह, पप्पू शर्मा, रामखिलाड़ी सिंह, तेज सिंह, सीताराम, कीरत राम, होड़िल सिंह, लोकेश यादव, सचिन यादव, चरन सिंह, पवन यादव, जगवीर सिंह, अवधेश कुमार सिंह, थान सिंह, विजयपाल सिंह, पिंकू सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।












