पंचायत चुनाव की आहट में हाथरस की राजनीति रही पूरे साल गर्म

पंचायत चुनाव की आहट में हाथरस की राजनीति रही पूरे साल गर्म

संवाददाता– अश्वनी कुमार

हाथरस वर्ष 2025 में हाथरस जिले में भले ही कोई बड़ा चुनाव न हुआ हो, लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक गतिविधियां पूरे साल तेज बनी रहीं। जिले की राजनीति का केंद्र बिंदु संगठन को मजबूत करना और आने वाले पंचायत चुनावों की तैयारी रहा। खास बात यह रही कि प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने इस वर्ष अपने-अपने जिलाध्यक्ष बदलकर सियासी संकेत भी दे दिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिले की कमान पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रेम सिंह कुशवाहा को सौंपी। इस फैसले को पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने भी संगठन में बदलाव करते हुए विवेक उपाध्याय को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने लंबे समय से इस पद पर बने रहे चंद्रगुप्त विक्रमादित्य का स्थान लिया। विवेक उपाध्याय को कांग्रेस ने ब्राह्मण चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया है।

भाजपा, कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने भी जिले में संगठन विस्तार के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। विपक्षी दलों ने जहां सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए, वहीं भाजपा ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं व नीतियों को जनता तक पहुंचाने के लिए लगातार जनसंपर्क और कार्यक्रम किए।

साल के अंतिम महीनों में जिले की राजनीति पूरी तरह से अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आई। प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पदों के लिए होने वाले चुनावों को लेकर कई नेताओं ने खुद को संभावित प्रत्याशी बताना शुरू कर दिया है। गांव-गांव में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं और प्रचार-प्रसार भी तेज हो गया है।

आगामी पंचायत चुनाव न सिर्फ सत्ता के समीकरण तय करेंगे, बल्कि जिले के कई नेताओं के राजनीतिक कद को भी निर्धारित करेंगे। यही वजह है कि हाथरस की राजनीति में इस समय पूरी सरगर्मी देखने को मिल रही है।

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