अश्लील और बाल यौन शोषण सामग्री पर केंद्र सरकार सख्त, सोशल मीडिया कंपनियों को कड़ी चेतावनी
दिव्यांशु द्विवेदी दैनिक चक्र संवाददाता
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही अश्लील, अभद्र और गैरकानूनी सामग्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अश्लील कंटेंट और बाल यौन शोषण (CSAM) से जुड़ी सामग्री पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करें।सरकार ने कहा है कि आईटी एक्ट और आईटी नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे गैरकानूनी और आपत्तिजनक सामग्री की पहचान कर उसे तुरंत हटाएं। विशेष रूप से बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि यदि किसी प्लेटफॉर्म ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और अन्य सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि केवल माफी या सफाई देकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता।
सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि अश्लील व गैरकानूनी सामग्री की निगरानी व्यवस्था मजबूत करें,शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें,और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें।केंद्र सरकार का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। खासकर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाएगा।सरकार की इस सख्ती के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सोशल मीडिया कंपनियों पर निगरानी और अधिक कड़ी होगी, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाया जा सके।
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