2026 में सुरक्षित व अपराध-मुक्त गाजियाबाद का संकल्प
संवाददाता : पवन सूर्यवंशी : कमिश्नरेट गाजियाबाद में आपराधिक घटनाओं की रोकथाम, अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही एवं बेहतर यातायात प्रबंधन आदि के सम्बन्ध में वर्ष 2025 में उठाये गये कदम एवं रणनीति के कारण वर्ष 2024 के सापेक्ष वर्ष 2025 में आपराधिक घटनाओं मे उल्लेखनीय कमी आई है।
नव-वर्ष 2026 के प्रारम्भ पर श्री जे. रविन्दर गौड, पुलिस आयुक्त गाजियाबाद द्वारा समाज की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की मजबूती तथा नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कुछ प्रमुख प्राथमिकताएँ निर्धारित की गई हैं। पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा इन प्राथमिकताओं को गाजियाबाद पुलिस की वर्ष 2026 की वार्षिक कार्ययोजना का मूल आधार बनाया गया है। ये प्राथमिकताएँ शासन की नीतियों के अनुरूप हैं। गाजियाबाद पुलिस का संकल्प है कि इन अभियानों के माध्यम से अपराध की दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए तथा नागरिकों को एक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण प्रदान किया जाए।
वर्ष 2026 में कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस के लिए निम्नलिखित प्राथमिकताएँ निर्धारित की गई हैं –
मिशन नशा-मुक्त गाजियाबाद
1. नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार एवं नशाखोरी के विरुद्ध अभियान (Campaign against Drugs)-नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार एवं नशाखोरी अपराध की जननी है। कमिश्नरेट गाजियाबाद का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होने के कारण इस ओर विशेष ध्यान अपेक्षित है। वर्ष 2026 में सम्पूर्ण वर्ष इस सम्बन्ध में एक व्यापक एवं सतत् अभियान अभियान चलाया जाएगा तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में सम्मिलत अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। कमिश्नरेट स्तर पर एण्टी नारकोटिक्स सेल गठित है। जोनल पुलिस उपायुक्तों द्वारा जोनल स्तर पर सेल गठित की जाएगी तथा प्रत्येक थाने में बीटवार ऐसे अपराधियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए सम्पूर्ण कमिश्नरेट को नशामुक्त बनाया जाएगा।
मिशन जाम-मुक्त गाजियाबाद
2. यातायात प्रबंधन (Traffic Management)–
कमिश्नरेट गाजियाबाद की जनसंख्या तथा वाहनों की संख्या के दृष्टिगत कमिश्नरेट में यातायात का बेहतर प्रबंधन अति आवश्यक है। कमिश्नरेट का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होने के कारण प्रतिदिन अधिक संख्या में आम जनमानस का दिल्ली आना-जाना होता है तथा कमिश्नरेट क्षेत्र से कई राष्ट्रीय राजमार्ग भी निकलते हैं जिसके कारण सड़कों को जाम मुक्त बनाना अति आवश्यक है। वर्ष 2026 में यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए कमिश्नरेट गाजियाबाद में यातायात पुलिस हेतु गठित Vertical का उपयोग करते हुए Zero Fatality एवं सड़क जाम से मुक्ति के उद्देश्य से कार्यवाही की जाएगी। यातायात नियमों का पालन करने सम्बन्धी जागरूकता अभियान समय-समय पर चलाये जाएगे तथा नशे में वाहन चलाने एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। यातायात पुलिस के आधारभूत संरचाना जैसे सहायक पुलिस आयुक्तों के कार्यालयों, यातायात निरीक्षकों के कार्यालयों तथा ट्रैफिक बूथों के निर्माण का कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
मिशन अवैध-शस्त्र मुक्त गाजियाबाद 3. अवैध शस्त्रों के विरुद्ध अभियान (Campaign against Fire arms)-अवैध हथियारों का प्रसार अपराधों को बढ़ावा देता है तथा सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालता है। अवैध शस्त्रों के निर्माण करने वाले तथा अवैध शस्त्र धारकों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने से हत्या तथा हत्या के प्रयास जैसे अपराधों के साथ-साथ लूट एवं जबरन वसूली जैसे आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है। वर्ष 2026 में सम्पूर्ण वर्ष अवैध शस्त्र धारकों एवं इसके निर्माताओं के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही की जाएगी। अवैध शस्त्र धारकों तथा उनके प्रयोग की निगरानी एक रणनीति के अंतर्गत जोनल स्तर पर पुलिस उपायुक्त द्वारा की जाएगी।गाजियाबाद पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, नशाखोरी, अवैध शस्त्रों के प्रसार तथा यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जानकारी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। समाज की सुरक्षा और विकास में नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। आपकी सूचना से अपराधों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी तथा समाज को सुरक्षित बनाने में यह एक महत्वपूर्ण योगदान होगा। हम आश्वस्त करते हैं कि सूचना प्रदान करने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतय गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी परिस्थिति में इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। आपका सहयोग अपराध मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम होगा।
पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी नंबर (नागिरक निम्न मोबाइल नं0 ) पर सूचना दे सकते हैः-
1 पुलिस आयुक्त गाजियाबाद(9643322900) 2 अति० पुलिस आयुक्त गाजियाबाद (मुख्यालय 9643323700 एवं अपराध)3 अति० पुलिस आयुक्त गाजियाबाद (कानून- 9643320500 व्यवस्था एवं यातायात) 4 पुलिस उपायुक्त नगर जोन (9643322901)5 पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिण्डन जोन (9643322903)6 पुलिस उपायुक्त ग्रामीण जोन (9643322902) 7 पुलिस उपायुक्त यातायात (9643322627)
4. अभियोगों की विवेचना (Investigations)-
कमिश्नरेट के विभिन्न थानों पर पूर्व से पंजीकृत एवं वर्ष 2026 में पंजीकृत होने वाली समस्त अभियोगों की विवेचनाओं का साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं समयबद्ध ढंग से किया जाएगा। विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया जाएगा। विवेचनात्मक कार्यवाही में Transparency, Impartiality and Probity [TIP] का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली के निर्देशों की अवहेलना करने वाले विवेचकों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
5. दोषसिद्धी (Convictions)-
अपराधियों को सजा दिलाना पुलिस के मुख्य कर्तव्यों में से एक है जिसके लिए कमिश्नरेट गाजियाबाद में
Conviction Cell गठित है। माननीय न्यायालयों मे विचाराधीन अभियोगों में अभियोजन पक्ष की
तरफ से प्रभावी पैरवी की जाएगी तथा गवाहों को समय से माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त अभियोगों से सम्बन्धित मालों/परीक्षण परिणामों को समय से माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराया जाएगा जिससे अधिक से अधिक अपराधियों को सजा दिलाया जा सके।
6. साइबर अपराध (Cyber Crime)-
वर्तमान परिदृश्य में साइबर अपराध पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। साइबर अपराध से बचने के लिए आम नागरिकों को जागरूक करना सबसे महत्वपूर्ण विषय है। साइबर अपराध की रोकथाम एवं विवेचनाओं के निस्तारण के सम्बन्ध में पुलिस महानिदेशक एवं मुख्यालय से प्राप्त होने वाले समस्त निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कमिश्नरेट स्तर पर पूर्व में दिए गए निर्देशों जैसे सी०सी०आई०टी० का गठन दिनांकित 01.08.2025 एवं दिनांक: 20.08.2025 को जारी कार्ययोजना (सी०सी०आई०टी० एवं थानों पर गठित साइबर सेल के सम्बन्ध में) का अक्षरशः पालन किया जाएगा।
7. महिला अपराध (Crime against Women) –
महिला सुरक्षा, शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। महिला सुरक्षा एवं महिला कल्याण के दृष्टिगत रखते हुए शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित है। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत कमिश्नरेट गाजियाबाद में कुल 20 पिंक बूथ भी प्रचलित हैं। इसके अतिरिक्त पारिवारिक विवादों को निपटाने हेतु परिवार परामर्श केन्द्र भी संचालित है। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं उनके कल्याण हेतु शासन एवं मुख्यालय द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत कमिश्नरेट गाजियाबाद में अधोहस्ताक्षरी द्वारा गठित Vertical के अनुसार महिलाओं की समस्याओं एवं उनकी सुरक्षा के सम्बन्ध में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
8- सम्पत्ति एवं शरीर सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम (Prevention of Property and Body related Offences) –
वर्ष 2026 में इन घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से अधोहस्ताक्षरी द्वारा वर्ष 2025 में दिए गए निर्देशों का वर्ष 2026 में भी अक्षरशः पालन किया जाएगा। विगत 10 वर्षों के सम्पत्ति सम्बन्धी अपराधियों का सत्यापन तथा उन्हें 129 बी0एन0एस0एस0 में पाबन्द करने की कार्यवाही लगातार प्रचलित रहेगी। उपरोक्त के अतिरिक्त उक्त अपराधों को रोकने के दृष्टिकोण से अधोहस्ताक्षरी द्वारा दिये गये अन्य निर्देशों जैसे सघन एवं प्रभावी वाहन चेकिंग, संदिग्ध वाहनों की विशेष चेकिंग आदि की कार्यवाही प्रचलित रहेगी । शरीर सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम हेतु थानों के हत्या, बलवा रजिस्टर, भूमिविवाद रजिस्टर, आपसी रंजिश रजिस्टर को अद्यावधिक कराया जाएगा तथा बीट वार गम्भीर प्रकरणों को चिह्नित कर बी0एन0एस0एस0 की धारा 126/135/170 के अन्तर्गत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही की जाएगी। छोटी सी छोटी घटनाओं का संज्ञान लेकर समय रहते प्रभावी कार्यवाही की जाएगी जिससे बड़ी घटनाओं को रोका जा सके।
9-CCMS/CEMS/IMS-
वर्ष 2025 में श्रीमान् पुलिस आयुक्त गाजियाबाद के निर्देशानुसार उक्त सॉफ्टवेयरों को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। वर्ष 2026 में भी उक्त सॉफ्टवेयरों में समस्त प्रकार की फीडिंग की जाएगी तथा इनके उद्देश्यों (पारदर्शिता, सुविधाजनक एवं पेपरलेस कार्यवाही) की पूर्ति का प्रयास किया जाएगा।
10-आधारभूत संरचना का विकास |Infrastructure development]:-
कमिश्नरेट के समस्त थानों/चौकियों/कार्यालयों में विशेषकर विवेचकों एवं आगंतुकों के बैठने, महिला कर्मचारियों के लिए शौचालय आदि की उचित व्यवस्था की जाएगी। थानों के मेस, बैरकों की साफ-सफाई एवं सौंदर्गीकरण का कार्य कराया जाएगा। प्रस्तावित नये थानों/कार्यालयों के निर्माण हेतु भूमि का चिन्हांकन तथा उन्हें पुलिस विभाग के नाम कराने सम्बन्धी कार्यों को भवन एवं आधारभूत संरचना सेल के माध्यम से पूर्ण कराया जाएगा। प्रस्तावित नये थानों के निर्माण की गुणवत्ता की जाँच हेतु पूर्व में जारी एस०ओ०पी० का अक्षरशः पालन किया जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त वर्ष 2025 में प्रारम्भ किये गये नवाचार, सिटीजन चार्टर, बीट प्रणाली, वादी संवाद दिवस का आयोजन, जनसुनवाई प्रणाली, शिष्टाचार संवाद नीति, थाना प्रभारियों द्वारा प्रतिदिन उपनिरीक्षकण को दिये जाने वाले टास्क, फीडबैक सेल आदि की कार्यवाही पूर्ववत जारी रहेगी।
पूर्व काल में
श्रीमान पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ पूर्व में भी उन्होंने क्या नई प्रयोग कर द्वारा नई पुलिसिंग सिखाई है। अनेक जिलों जैसे आगरा गोरखपुर मेरठ मुरादाबाद अलीगढ़ लखनऊ जैसे क्षेत्र की स्थितियों को अच्छे से संभाला है फील्ड में अच्छे से काम करना जानने से अनुभव है इसीलिए आगरा से स्पेशल में योगी जी ने ट्रांसफर कर गाजियाबाद कमिश्नर के पद पर कार्य दिया गाजियाबाद के अनेक स्थानों एवं स्वास्थ्य के प्रति अनेक कार्य को जमीन स्तर पर करके दिखा रहे हैं अनेक महत्वपूर्ण निर्णय ले जाएंगे जनता के हित के लिए।
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