वो कहती थी बातें जो
एक दिन याद आयेंगी
वो बोलती थी हर दम जो
वो एक दिन देगा सुनाई
कहती थी वो
सनलो तुम
मगर तुम्हे वक्त कहां था
तुम जो अपनी दुनिया में
खोए थे
क्या खोया तुमने
ये एक दिन याद आयेगा।
जब ना कोई अपना होगा
तब वो अजनबी याद आयेगा।
आयशा अल ग़ज़ल
वो कहती थी बातें जो
एक दिन याद आयेंगी
वो बोलती थी हर दम जो
वो एक दिन देगा सुनाई
कहती थी वो
सनलो तुम
मगर तुम्हे वक्त कहां था
तुम जो अपनी दुनिया में
खोए थे
क्या खोया तुमने
ये एक दिन याद आयेगा।
जब ना कोई अपना होगा
तब वो अजनबी याद आयेगा।
आयशा अल ग़ज़ल