बेहद शुभ योग में सकट चौथ आज, जानें पूजन विधि और चंद्रोदय का समय
आज सकट चौथ का पर्व अत्यंत शुभ संयोग में मनाया जा रहा है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर पड़ने वाला यह व्रत भगवान गणेश और सकट माता को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
पंडितों के अनुसार इस वर्ष सकट चौथ पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिसके कारण पूजा-पाठ का महत्व और अधिक बढ़ गया है। श्रद्धालु सुबह से ही व्रत रखकर विधि-विधान से गणेशजी की आराधना कर रहे हैं। महिलाएं विशेष रूप से तिल-गुड़ के लड्डू, तिलकुट और फल-फूल से भगवान गणेश को भोग अर्पित कर रही हैं।
पूजन विधि
सकट चौथ के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद पूजा स्थल पर गणेशजी की मूर्ति या चित्र स्थापित किया जाता है। इसके बाद दीपक जलाकर दूर्वा, अक्षत, रोली, हल्दी और लाल फूल अर्पित कर गणेश मंत्रों का जाप किया जाता है। दिनभर निराहार या फलाहार रहकर शाम के समय गणेशजी की आरती की जाती है।
चंद्रोदय का समय
व्रत का पारण चंद्र दर्शन के बाद ही किया जाता है। इस वर्ष सकट चौथ पर चंद्रोदय का समय लगभग रात 8:54 बजे बताया जा रहा है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद गणेशजी की पूजा संपन्न कर श्रद्धालु अपना व्रत खोलेंगे।
गणेशजी की आरती
पूजा के दौरान “जय गणेश जय गणेश देवा” आरती का गायन कर भक्त विघ्नहर्ता से अपने जीवन के सभी संकट दूर करने की कामना करते हैं।
धार्मिक वातावरण के बीच आज पूरे क्षेत्र में सकट चौथ की धूम दिखाई दे रही है। मंदिरों और घरों में विशेष पूजा आयोजन किए जा रहे हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया यह व्रत भगवान गणेश की कृपा से जीवन के सभी विघ्न और बाधाओं से मुक्ति दिलाता है।
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