सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने हेतु कैशलेस ट्रीटमेंट योजना-2025 के सम्बन्ध में गोष्ठी का आयोजन

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने हेतु कैशलेस ट्रीटमेंट योजना-2025 के सम्बन्ध में गोष्ठी का आयोजन

संवाददाता सायरा सूर्यवंशी गाजियाबाद

पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद महोदय के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था यातायात) द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार की कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेट विक्टिम स्कीम-2025 के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभों के सम्बन्ध में कमिश्ररेट गाजियाबाद के सभी थाना प्रभारियों एवं ZFD (Zero Fatality District) कार्यक्रम के अंतर्गत कमिश्नरेट गाजियाबाद में चिन्हित 14 थानों की CC Team (Crtitical Corridor) के प्रभारियों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में किया गया।इस अवसर पर सभी थाना प्रभारियों एवं CC टीम को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए गोल्डन ऑवर (Golden Hour) के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया एवं सड़क दुर्घटनाओं के कमी लाये जाने हेतु पूर्ण मनोयोग से अपेक्षित कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि सड़क दुर्घटना के पश्वात प्रथम एक घंटे में यदि घायल को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए तो मृत्यु की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है, जो ZFD के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है।गोष्ठी में उपस्थित सभी थाना प्रभारियों/CC टीम प्रभारियों को यह भी अवगत कराया गया कि कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम स्कीम-2025 के अंतर्गत के सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को नजदीकी सरकारी/निजी अस्पतालों में ₹1.50 लाख तक या अधिकतम 7 दिन तक निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से जीवन रक्षा की संभावना बढ़ सके। योजना के क्रियान्वयन, पात्रता, उपचार प्रक्रिया, अस्पतालों की भूमिका तथा पुलिस द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों एवं दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को गुड सेमेरिटन कानून के अंतर्गत किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से मुक्त रखते हुए ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की व्यवस्था के बारे में भी सभी को अवगत कराया गया, ताकि आमजन बिना भय के मानवता के दृष्टिगत घायलों की सहायता कर सकें। गोष्ठी के दौरान सभी को निर्देशित किया गया कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में इस योजना एवं कानून के संबंध में जन-जागरूकता अभियान चलाए, ताकि आम नागरिको को इसके लाभों की जानकारी मिल सके और दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए प्रेरित हों। गोष्ठी में IRAD(Integrated Road Accident Database)प्रणाली के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। NIC के IRAD रोल-आउट मैनेजर श्री शांति भूषण तिवारी द्वारा बताया गया कि IRAD के माध्यम से सडक दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक एवं डिजिटल डेटा संग्रहण किया जाता है, जिससे दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण कर भविष्य में प्रभावी रोकथाम संभव हो सकेगी। सभी थाना प्रभारियों को IRAD पर समयबद्ध, सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि के निर्देश दिए गए।ZFD के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु पुलिस, चिकित्सा विभाग एवं आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में पीडितों को शीघ्र सहायता, एम्बुलेंस की उपलब्धता, अस्पतालों से समन्वय तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए।उक्त गोष्ठी में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था यातायात), पुलिस उपायुक्त (यातायात) सभी थाना प्रभारी/CC टीम के सदस्य एवं NIC के IRAD रोल-आउट मैनेजर
उपस्थित,रहे,पुलिस,उपायुक्त,यातायात,कमिश्नरेट-गाजियाबादयातायात,पुलिसXहैंडल@Gzbtrafficpolयातायात पुलिस कण्ट्रोल रूम नंबर 9643322904

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें