मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शुक्रवार शाम ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ की विस्तृत कार्ययोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
संवाददाता पवन सूर्यवंशी लखनऊ
प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने की दिशा में यह जोन अहम है।
मुख्यमंत्री जी ने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ की कार्ययोजना को सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश को केवल निवेश का नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता का केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल जमीनी स्तर पर युवाओं को अवसर देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बने।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाला यह जोन एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एवं एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में कार्य करे। प्रत्येक जोन में जी+3 भवन में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’ स्थापित होगा, जहां प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, उद्यमिता और कॉमन फैसिलिटी की समेकित व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आधारित इन जोन्स में एमएसएमई, ओडीओपी, कौशल विकास, हैंडहोल्डिंग और प्लेसमेंट सेवाओं का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। यह केंद्र युवाओं और उद्यमियों के लिए वन-स्टॉप सपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने भूमि चिन्हित कर समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि यह परियोजना ओडीओपी, एमएसएमई और कौशल विकास योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर लागू की जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों, उद्योगों और युवाओं को एक साझा मंच मिले।
उन्होंने नियमित समीक्षा, स्पष्ट टाइमलाइन और जमीनी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को रोजगार-आधारित विकास मॉडल का राष्ट्रीय उदाहरण बनाएगी।












