प्रतापगढ़ के विकास बाबागंज ग्राम पंचायत राय असकरन में मनरेगा योजना के तहत हो रहे कथित भ्रष्टाचार
संवाददाता अमित शुक्ला
ग्राम प्रधान एवं सचिव की मिलीभगत से काम के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट हो रही है, लेकिन जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों ने अब तक इस गंभीर मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया।सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत राय असकरन पुर में मनरेगा के तहत माइनर से समर बहादुर के खेत तक गुल खुदाई का कार्य 7 मजदूरों के नाम दर्ज कर किया जा रहा है। हालांकि मौके की वास्तविक स्थिति इससे भिन्न बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति पर सवाल खड़े हैं पूर्व में फीड हुई फाइल और रिकॉर्ड में चल रही संख्या जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। यही नहीं, कार्य के सत्यापन के लिए डाली गई मजदूरों की तस्वीरों में धांधली के आरोप भी सामने आए हैं।ग्रामीणों ने दावा किया है कि 7मजदूरों की फोटो को अलग अलग मजदूर दिखाकर अपने भाई की पत्नी को फोटो कर रहा है प्रधान।जो कि इस फोटो में दिख रही महिलाएं टोकरी ले कर खड़ी हैं ये सब 50, 50,रूपये में बिक जाती हैं।ग्राम प्रधान हमेशा कागज पर नरेगा का काम करवाने के लिये ऐसे ही भ्रष्टाचार करते हैं।इसके बावजूद जेई अन्य जिम्मेदार अधिकारी अब तक निष्क्रिय दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण व्यंग्य में कह रहे हैं कि शायद “गांधी छाप” की चमक के आगे कार्रवाई की आंखें बंद कर दी गई हैं।अधूरे कार्य का भुगतान पूरा कर दिया गया पक्की नाली को कच्ची नाली व गुल बताकर व दिखाकर लिया गया सरकारी भुगतान तकनीकी सहायक ने किया आंख मूंदकर प्रधान पति को चुनाया धन रूपी मोती।अब बड़ा सवाल यह है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा को कैसे पारदर्शी बनाया जाए और कब इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।












