सिद्धार्थ नगर के त्रिलोकपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना में घोटाले का आरोप, ग्रामीणों ने की मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग
रिपोर्टर हरि नंदन शुक्ला सिद्धार्थ: सिद्धार्थ नगर जनपद के विकासखंड इटवा स्थित ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने माननीय मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक के अन्य संबंधित कर्मचारियों ने दो वर्षों से पूर्ण कराए गए कार्यों को कागजों में दोबारा दिखाकर फर्जी भुगतान कर लिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि त्रिलोकपुर में सेक्टर से जिगना सरहद तक मिट्टी पटाई का कार्य पूरी तरह से अधूरा है, बावजूद इसके भुगतान किया गया है। साथ ही, उम्र के खेत से परासी नाला तक लगभग 547 मीटर लंबा 4 फुट चौड़ा राणा/भलुहा घास से भरा क्षेत्र भी बिना किसी काम के भुगतान में शामिल किया गया है। उक्त कार्यों की आईडी संख्या 315100 2079/एलडी 95848625 5823972116 है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए इन कार्यों के लिए भुगतान किए जाने के बाद जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी हुई, तो उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से तत्काल TAC/भौतिक सत्यापन कराकर जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्टाचार के कारण पंचायत के अन्य कार्यों में भी इसी प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान दबंगई के बल पर जांच को रोकने का प्रयास कर रहा है। जब भी वे या अन्य ग्रामीण प्रार्थना पत्र लेकर जाते हैं, तो प्रधान उन्हें धमकाता है और कहता है कि वह कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। गाँव के मजदूरों ने भी अपनी आवाज़ उठाते हुए कहा है कि उनके साथ बड़े धोखे और छल किए गए हैं।
इस मामले में रामपाल शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, राजेश, अमन शुक्ला, सूरज, सत्यम और हरि नंदन सहित कई ग्रामीणों ने विधिक कार्रवाई करने की भी मांग की है ताकि इस भ्रष्टाचार की पूरी जांच हो सके और दोषियों को सजा मिल सके।
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